विदेश की खबरें | अमेरिका चीन के ‘आसन्न’ खतरे के खिलाफ हिंद-प्रशांत सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा: अमेरिकी रक्षा मंत्री

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका देश के बाहर अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा ताकि वह चीन की ओर से तेजी से बढ़ रहे खतरों, विशेष रूप से ताइवान के प्रति उसके आक्रामक रुख का मुकाबला कर सके।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका देश के बाहर अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा ताकि वह चीन की ओर से तेजी से बढ़ रहे खतरों, विशेष रूप से ताइवान के प्रति उसके आक्रामक रुख का मुकाबला कर सके।

चीन ने यह परीक्षण करने के लिए कई (सैन्य) अभ्यास किए हैं कि स्वशासित द्वीप ताइवान की नाकाबंदी कैसी की जा सकती है। चीन ताइवान पर अपना दावा करता है और अमेरिका ने इसकी रक्षा करने का संकल्प जताया है।

सिंगापुर में सुरक्षा सम्मेलन में हेगसेथ ने कहा कि चीन की सेना ‘‘किसी बड़ी घटना की तैयारी के लिए अभ्यास कर रही है। हम चिकनी चुपड़ी बात नहीं करेंगे। चीन द्वारा उत्पन्न खतरा वास्तविक है और यह निकट भविष्य में सामने आ सकता है।’’

हेगसेथ ने ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर सिक्योरिटी स्टडीज’ द्वारा आयोजित वैश्विक सुरक्षा सम्मेलन ‘शांगरी-ला वार्ता’ में कहा कि चीन अब ताइवान पर कब्जा करने के लिए न केवल अपने सैन्य बलों को मजबूत कर रहा है बल्कि वह ‘‘इसके लिए हर दिन सक्रिय रूप से प्रशिक्षण आयोजित भी कर रहा है।’’

हेगसेथ ने लैटिन अमेरिका में चीन की महत्वाकांक्षाओं, विशेषकर पनामा नहर पर प्रभाव बढ़ाने के उसके प्रयासों की भी आलोचना की।

उन्होंने क्षेत्र के देशों से आग्रह किया कि वे रक्षा व्यय को अपने सकल घरेलू उत्पाद के पांच प्रतिशत के बराबर स्तर तक बढ़ाएं।

हेगसेथ ने कहा, ‘‘हम सभी को अपना योगदान देना होगा।’’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कुछ महीने पहले पैट्रियट मिसाइल रक्षा बटालियन को पश्चिम एशिया में भेजने के लिए इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र से हटा दिया।

हेगसेथ से जब पूछा गया कि अगर हिंद-प्रशांत अमेरिका के लिए प्राथमिकता वाला क्षेत्र है तो अमेरिका ने उन संसाधनों को वहां से क्यों हटाया। हेगसेथ ने इसका कोई सीधा जवाब नहीं दिया लेकिन कहा कि यमन से किए गए हूती मिसाइल हमलों से बचाव और अमेरिका में अवैध आव्रजन के खिलाफ सुरक्षा को मजबूत करने के लिए संसाधनों का स्थानांतरण आवश्यक था।

उन्होंने अमेरिकी सहयोगियों और साझेदारों द्वारा अपने रक्षा खर्च और तैयारियों को बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अमेरिका अकेले आगे बढ़ने में रुचि नहीं रखता।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now