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जरुरी जानकारी | त्वरित आपूर्ति के बाजार में अमेजन ने भी दस्तक की, दिल्ली में सेवा शुरू

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने बेंगलुरु के बाद दिल्ले में भी अपनी 10 मिनट में आपूर्ति करने वाली सेवा 'अमेज़न नाऊ' की शुरुआत कर त्वरित आपूर्ति बाजार में गरमाहट बढ़ा दी है। ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट जैसी कंपनियां पहले से ही इस क्षेत्र में मौजूद हैं।

जरुरी जानकारी | त्वरित आपूर्ति के बाजार में अमेजन ने भी दस्तक की, दिल्ली में सेवा शुरू

नयी दिल्ली, 11 जुलाई ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने बेंगलुरु के बाद दिल्ले में भी अपनी 10 मिनट में आपूर्ति करने वाली सेवा 'अमेज़न नाऊ' की शुरुआत कर त्वरित आपूर्ति बाजार में गरमाहट बढ़ा दी है। ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट जैसी कंपनियां पहले से ही इस क्षेत्र में मौजूद हैं।

इस साल अप्रैल में आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चंद मिनटों में आपूर्ति सेवाएं देने वाली क्विक कॉमर्स कंपनियां किस तरह से खुदरा कारोबार के व्यवहार को संरचनात्मक रूप से नया रूप दे रही हैं।

अमेजन ने दिल्ली के चुनिंदा क्षेत्रों में अपनी त्वरित आपूर्ति सेवा 'अमेजन नाऊ' शुरू कर दिया है। कंपनी ने देश में पहली बार इस सेवा की शुरुआत पिछले साल दिसंबर में बेंगलुरु में की थी।

अमेजन ऐप के भीतर अब 'अमेज़न नाउ' टैब चुनिंदा पिनकोड वाले इलाकों में दिखाई देता है। कंपनी जल्द ही इस सेवा की पेशकश अन्य शहरों में भी करने का इरादा रखती है।

इस सेवा के तहत कंपनी किराने का सामान, फल ​​और सब्जियां, व्यक्तिगत देखभाल और सौंदर्य उत्पाद, छोटे उपकरण जैसी रोज़मर्रा की ज़रूरी वस्तुओं की आपूर्ति करती है। प्राइम उपयोगकर्ताओं के लिए न्यूनतम 99 रुपये और गैर-प्राइम ग्राहकों के लिए 199 रुपये के ऑर्डर बिना किसी आपूर्ति शुल्क के पहुंचाए जाते हैं।

घरेलू रेटिंग एजेंसी केयरएज रेटिंग्स का अनुमान है कि भारतीयों ने वित्त वर्ष 2024-25 में ब्लिंकिट और इंस्टामार्ट जैसे क्विक-कॉमर्स मंचों के जरिये 64,000 करोड़ रुपये के सामान के ऑर्डर दिए। सकल ऑर्डर मूल्य (जीओवी) वित्त वर्ष 2027-28 तक तीन गुना होकर दो लाख करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान जताया गया है।

हालांकि अपनी तीव्र वृद्धि और आशाजनक संभावनाओं के बावजूद क्विक-कॉमर्स कारोबार ने कई विवादों को भी जन्म दिया है। इनमें खाद्य सुरक्षा में चूक, दावों और अनुपालन में कमियों जैसे मुद्दों पर केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) की नियामकीय जांच भी शामिल है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 11, 2025 08:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).