देश की खबरें | पर्चे के बिना कोविड-19 की जांच की इजाजत देने से यह लोगों के लिए अधिक सुलभ होगी: विशेषज्ञ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अस्पतालों और निजी प्रयोगशालाओं ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले का बुधवार को स्वागत किया जिसमें कहा गया है कि कोविड-19 की जांच के लिए चिकित्सक का पर्चा अनिवार्य नहीं होगा। अस्पतालों और निजी प्रयोगशालाओं ने कहा कि यह नयी व्यवस्था जांच को शहर में और अधिक लोगों तक ‘‘सुलभ और किफायती’’ बनाएगी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, नौ सितम्बर अस्पतालों और निजी प्रयोगशालाओं ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले का बुधवार को स्वागत किया जिसमें कहा गया है कि कोविड-19 की जांच के लिए चिकित्सक का पर्चा अनिवार्य नहीं होगा। अस्पतालों और निजी प्रयोगशालाओं ने कहा कि यह नयी व्यवस्था जांच को शहर में और अधिक लोगों तक ‘‘सुलभ और किफायती’’ बनाएगी।

अभी तक किसी भी व्यक्ति को कोविड-19 की जांच कराने के लिए किसी चिकित्सक का पर्चा या लक्षण होना जरूरी था। दिल्ली सरकार ने भी बुधवार को एक आदेश जारी किया और कहा कि शहर में कोविड-19 की जांच के लिए चिकित्सक का पर्चा अनिवार्य नहीं होगा।

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डॉक्टर डांग्स लैब के सीईओ डा. अर्जुन डांग ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के मामलों के फिर से बढ़ने के मद्देनजर बिना पर्ची के कोविड-19 की जांच ‘‘समय की आवश्यकता’’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे लोगों के लिए जांच की उपलब्धता बढ़ेगी और जांच और अधिक सुलभ और किफायती बनेंगे।’’ उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की ओर से बहुत सारे अनुरोध आ रहे थे।

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तेजी से बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जाहिर की और आदेश दिया कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 की स्वेच्छा से आरटी/पीसीआर जांच कराने वालों के लिए डॉक्टर का पर्चा अब अनिवार्य नहीं होगा।

अदालत ने कहा कि लोगों को कोविड-19 जांच के लिए दिल्ली में निवास प्रमाणपत्र के तौर पर आधारकार्ड ले जाना चाहिए और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा निर्धारित फॉर्म भरना चाहिए।

डा. पैथलैब्स लिमिटेड के एक प्रवक्ता ने अनुसार लॉकडाउन खुलने और लोगों के बाहर निकलने से कोविड-19 के मामले बढ़ने की आशंका है।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि सभी के लिए जांच सुविधा खोलना बढ़ते कोविड-19 मामलों को बढ़ने से रोकने के लिए सरकार का एक बहुत अच्छा कदम है।’’

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘डायग्नोस्टिक कंपनियों की मदद से सरकार पूरे शहर में कोविड-19 जांच केंद्र स्थापित कर सकती है, जहां लोग एकदूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम का पालन करते हुए जांच के लिए पहुंच सकते हैं।’’

राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के प्रबंध निदेशक बी एल शेरवाल ने कहा, "हम बिना लक्षण वाले मामलों का पता लगाने के लिए रैपिड-एंटीजन जांच कर रहे हैं। लक्षण वालों की आरटी-पीसीआर जांच की जा रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम (आरटी-पीसीआर) जांच की संख्या बढ़ा सकते हैं, इसमें कोई समस्या नहीं है। एकमात्र मुद्दा यह है कि डेटा एकत्रित करने के लिए एक बड़ी टीम की आवश्यकता है। डेटा प्रविष्टि प्रक्रिया में लंबा समय लगता है। अन्यथा, कोई समस्या नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि अस्पताल प्राधिकारियों ने इस उद्देश्य के लिए काउंटर स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि जब जरूरत होगी काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

दिल्ली सरकार ने मंगलवार को एक स्वास्थ्य बुलेटिन ने कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 24 घंटे में रिकार्ड 45,000 से अधिक कोविड-19 जांच की गई। दिल्ली सरकार ने पिछले कुछ दिनों में जांच की संख्या में काफी बढोतरी की है।

लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल के चिकित्सा निदेशक सुरेश कुमार ने कहा कि अस्पताल डॉक्टर के पर्चे के बिना जांच करने के लिए सरकार द्वारा दिशानिर्देश जारी करने का इंतजार कर रहा था।

न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित ‘सीड्स ऑफ इनोसेंस एंड जीनस्ट्रींग्स लैब’ संस्थापक डा. गौरी अग्रवाल ने हालांकि कहा कि एक अस्पष्टता है।

उन्होंने कहा, ‘‘एक अस्पष्टता है। उच्च न्यायालय ने कहा कि केवल 2,000 जांच पर्चे के बिना की जा सकती हैं। तो प्रयोगशालाओं को कैसे पता चलेगा कि 2,000 जांच हो गई हैं या नहीं। उत्तर प्रदेश और गुरूग्राम ने पर्चे के बिना जांच की अनुमति नहीं दी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आईसीएमआर ने एक परामर्श जारी करके कहा था कि आरटी-पीसीआर जांच बिना लक्षण वाले लोगों की मांग पर की जा सकती है। उस पर कोई स्पष्टता नहीं है। हमें स्पष्टता की आवश्यकता है कि इसे कैसे किया जाना चाहिए।’’

डा डांग ने कहा कि भले ही जांच बिना डॉक्टर के पर्चे के की जाएगी लेकिन एक बार रिपोर्ट आने के बाद मरीज को डॉक्टर की सलाह लेगी आवश्यक होगी। यदि आप डॉक्टर के पर्चे के बिना जांच करा भी लेते हैं तो भी आपको रिपोर्ट आने के बाद एक डॉक्टर को दिखाने की जरूरत होगी।’’

मेडियोर अस्पताल कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया के वरिष्ठ सलाहकार, मेडिसिन एवं प्रभारी डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि अस्पतालों में केवल जांच के उद्देश्य से आने वाले रोगियों के लिए प्रवेश और निकास की अलग व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि लोग एकदूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम का पालन करें और प्रत्येक व्यक्ति मास्क पहने।

प्रयोगशालाओं ने कहा कि उन्होंने जांच की मांग बढ़ने के मद्देनजर सुविधाओं का विस्तार कर लिया है।

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