देश की खबरें | कथित नौकरी घोटाला, छह समुदायों को अजा का दर्जा देने के मुद्दे पर हंगामा, असम विधानसभा स्थगित
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती में कथित घोटाला और राज्य के छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर सोमवार को असम विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण बैठक को स्थगित कर दिया गया।
गुवाहाटी, 16 सितंबर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती में कथित घोटाला और राज्य के छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर सोमवार को असम विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण बैठक को स्थगित कर दिया गया।
विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी द्वारा शून्यकाल में चर्चा के नोटिस को अस्वीकार करने के बाद कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक और निर्दलीय सदस्य आसन के समक्ष आ गए, तख्तियां दिखाईं, नारे लगाए और सदन के फर्श पर बैठ गए।
प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद दैमारी ने कहा कि तीन शून्यकाल नोटिस की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने असम गण परिषद (एजीपी) के रामेंद्र नारायण कालिता को गुवाहाटी में दीपोर बील झील के किनारे डंपिंग ग्राउंड के मुद्दे पर चर्चा करने को कहा।
इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भरत चंद्र नारा ने जानना चाहा कि क्या हाल में आयोजित तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की लिखित परीक्षा में कथित नौकरी के बदले नकद घोटाला और व्हिसलब्लोअर विक्टर दास की गिरफ्तारी के मुद्दे पर उनके नोटिस की अनुमति है। निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई ने भी जानना चाहा कि क्या असम के छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने के मुद्दे पर उनके शून्यकाल के नोटिस पर चर्चा की जाएगी।
केंद्र ने इस सप्ताह विभिन्न राज्यों के कई समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया है। सूची में असम के मोरन, मोटोक, चुटिया, ताई-अहोम, कोच-राजबोंगशी और चाय-जनजाति समुदाय शामिल नहीं थे, जिन्हें कई वर्षों से कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं द्वारा आश्वासन दिए गए थे।
अध्यक्ष ने तब कहा कि जब शून्यकाल नोटिस को अनुमति दी जाएगी तब सभी सदस्यों को पता चल जाएगा। इस पर कांग्रेस, माकपा सदस्य और निर्दलीय विधायक अपनी मांगों के समर्थन में तख्तियां लेकर आसन के समक्ष आ गए और नारेबाजी की।
गोगोई ने लखीमपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के कई पदों के हाल में घोषित परिणामों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया और कहा कि ‘‘विसंगतियों के पीछे स्थानीय विधायक का नाम सामने आया है’’।
भाजपा के पहली बार विधायक बने मनब डेका लखीमपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। हैरानी की बात यह रही कि संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका के नेतृत्व में भाजपा विधायक भी आसन के समक्ष आ कर विपक्ष पर उंगली उठाते हुए जुबानी जंग में शामिल हो गए।
अध्यक्ष ने कहा, ‘‘विधानसभा कोई आंदोलन स्थल नहीं है। आपको यहां तख्तियां नहीं दिखानी चाहिए। आप सभी कृपया अपनी सीट पर बैठें। सदन के सभी विषय महत्वपूर्ण हैं।’’
किसी भी पक्ष के शांत नहीं होने पर उन्होंने सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विधानसभा उपाध्यक्ष नुमाल मोमिन सभापीठ पर थे। विपक्षी सदस्यों का हंगामा इस दौरान भी जारी रहा जिसके चलते कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 16, 2022 06:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

