देश की खबरें | इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ज्ञानवापी मस्जिद में एएसआई सर्वेक्षण की अनुमति दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का एएसआई द्वारा सर्वेक्षण कराए जाने के वाराणसी जिला अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी।

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), तीन अगस्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का एएसआई द्वारा सर्वेक्षण कराए जाने के वाराणसी जिला अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी।

वाराणसी की जिला अदालत के 21 जुलाई के एक आदेश में शहर में स्थित ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से कराने का आदेश दिया था।

अपने 16 पृष्ठ के आदेश में अदालत ने कहा, “इस अदालत के विचार में प्रस्तावित वैज्ञानिक सर्वेक्षण न्यायहित में आवश्यक है। इससे वादी और प्रतिवादी दोनों लाभान्वित होंगे और निचली अदालत को निर्णय करने में मदद मिलेगी। निचली अदालत ने सर्वेक्षण का आदेश न्यायोचित तरीके से पारित किया था।”

अदालत ने आगे कहा, “यदि कोई अंतरिम आदेश है तो उसे हटाया जाता है और वाराणसी की जिला अदालत द्वारा 21 जुलाई को पारित आदेश बहाल किया जाता है। संबंधित पक्षों को इस अदालत द्वारा कही गई बातों और एएसआई के हलफनामे को ध्यान में रखकर आदेश का अनुपालन करना होगा।”

अदालत ने कहा, “चूंकि इस मुकदमे की सुनवाई लंबे समय से लटकती रही है, उचित होगा कि संबंधित अदालत सुनवाई को अनावश्यक टाले बगैर तेजी से पूरी करने का प्रयास करे।”

वाराणसी की जिला अदालत ने 21 जुलाई को एएसआई को एक विस्तृत वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया था जिससे यह निर्धारित हो सके कि काशी विश्वनाथ मंदिर के पास स्थित ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण पुराने मंदिर के ढांचे के ऊपर हुआ है या नहीं।

ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने इस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया था जिसने 26 जुलाई की शाम पांच बजे तक सर्वेक्षण पर रोक लगाने के साथ ही कमेटी को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील करने को कहा था। इस पर कमेटी ने 25 जुलाई को उच्च न्यायालय में अपील की थी।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रितिंकर दिवाकर ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 27 जुलाई को मस्जिद कमेटी की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था और उन्होंने निर्णय आने तक एएसआई के सर्वेक्षण पर रोक लगा दी थी।

अंजुमन इंतेजामिया की याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा, “एक बार जब पुरातत्व विभाग ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि विवादित संपत्ति को कोई क्षति नहीं होने जा रही, इस अदालत को उनके बयान पर संदेह करने का कोई कारण नजर नहीं आता है।”

अदालत ने कहा, “हमें याचिकाकर्ता की इस दलील में कोई दम नहीं दिखता कि किसी दीवार को खोदे बगैर एएसआई द्वारा चीजों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सकता। आज के इस आधुनिक दौर में कई नई चीजें विकसित की गई हैं। नई तकनीक की मदद और एएसआई के जिम्मेदार अधिकारियों के मार्गदर्शन की मदद से वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया जा सकता है।”

इससे पूर्व, सुनवाई के दौरान, एएसआई के अपर महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने अदालत को सूचित किया था कि एएसआई ढांचे की खुदाई करने नहीं जा रहा है।

मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता एसएफए नकवी ने कहा था, ‘‘हमने खुदाई के विभिन्न उपकरणों के फोटोग्राफ संलग्न किए हैं जिन्हें एएसआई की टीम मस्जिद परिसर लेकर पहुंची थी। यह दिखाता है कि उनका इरादा खुदाई करने का था।”

इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि यद्यपि वे अपने साथ उपकरण ले गए, लेकिन इससे नहीं लगता कि उनका इरादा खुदाई करने का है।

इसके बाद आलोक त्रिपाठी ने स्पष्ट किया था कि चूंकि टीम पहली बार मस्जिद वाले स्थान पर गई थी, इसलिए वे अपने साथ कुछ उपकरण लेकर गए, लेकिन खुदाई के लिए नहीं, बल्कि स्थल से मलबा हटाने के लिए।

उच्च न्यायालय का निर्णय आने के बाद हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने इसे ‘‘बहुत महत्वपूर्ण निर्णय’’ बताते हुए संवाददाताओं से कहा कि अंजुमन इंतेजामिया कमेटी ने दलील दी थी कि इस सर्वेक्षण से ढांचा प्रभावित होगा, लेकिन अदालत ने उन सारी दलीलों को खारिज कर दिया है।

उन्होंने कहा कि इससे पूर्व अंजुमन इंतेजामिया कमेटी की दलील थी कि उसे उच्च न्यायालय जाने का मौका नहीं मिला, इसलिए अदालत ने उसकी दलीलों पर सुनवाई की।

मस्जिद का वह वजूखाना जहां कथित तौर पर शिवलिंग होने के दावे किए जा रहे हैं, इस सर्वेक्षण का हिस्सा नहीं होगा क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने परिसर में उस जगह को संरक्षित करने का आदेश पूर्व में दिया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

New Zealand Women vs South Africa Women, 2nd T20I Match Prediction: पहले टी20 में जीत से शुरुआत करना चाहेगी न्यूजीलैंड महिला, मुकाबले से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती है बाजी

NZ W vs SA W, 2nd T20I Match Pitch Report And Weather Update: दूसरे टी20 में बल्लेबाजों का चलेगा बल्ला या गेंदबाज मचाएंगे कहर? यहां जानें हैमिल्टन की पिच रिपोर्ट और मौसम का हाल

New Zealand Women vs South Africa Women, 2nd T20I Match Preview: आज न्यूजीलैंड महिला बनाम दक्षिण अफ्रीका महिला के बीच खेला जाएगा दूसरा टी20 मुकाबला, मैच से पहले जानिए हेड टू हेड रिकॉर्ड्स, पिच रिपोर्ट, स्ट्रीमिंग समेत सभी डिटेल्स

New Zealand Women vs South Africa Women, 2nd T20I Match Live Streaming In India: न्यूजीलैंड महिला बनाम दक्षिण अफ्रीका महिला के बीच आज खेला जाएगा दूसरा टी20 मुकाबला, यहां जानें भारत में कब, कहां और कैसे देखें लाइव मैच

\