Yogi Adityanath: सभी पीएचसी में बहुत जल्द 'टेली कंसल्टेंसी' और 'टेलीमेडिसिन' की सुविधा होगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर जोर देते हुए रविवार को कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बहुत शीघ्र 'टेली कंसल्टेंसी' और 'टेलीमेडिसिन' जैसी सुविधाओं से लैस होंगे.
Lucknow: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर जोर देते हुए रविवार को कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बहुत शीघ्र 'टेली कंसल्टेंसी' और 'टेलीमेडिसिन' जैसी सुविधाओं से लैस होंगे. वाराणसी में 'यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) दिवस 2022' के समापन समारोह को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने यह बात कही. योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया (Mansukh Mandaviya) ने आज वाराणसी में आयोजित स्वास्थ्य मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह को सम्बोधित किया. योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘ प्रदेश के 4600 से अधिक पीएचसी को राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल के साथ ही एसजीपीजीआई तथा केजीएमयू से जोड़ दिया जाएगा. इसके लिए प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित भी किया जाएगा.’’
उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश के हर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को टेली-परामर्श की सुविधा से जोड़ा जाएगा, इसके साथ ही टेलीमेडिसिन के लिए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हेल्थ एटीएम भी लगाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 4600 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एटीएम से जोड़ा जाएगा, जिससे एक ही केंद्र पर 60 प्रकार की बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी. उन्होंने कहा कि इसके लिए पैरामेडिकल स्टाफ को उचित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने सम्मेलन की विषय वस्तु 'टू बिल्ड द वर्ल्ड, वी वांट हेल्दी फ्यूचर फॉर ऑल' दुनिया का निर्माण करने के लिए, हम सभी के लिए एक स्वस्थ भविष्य चाहते हैं) को भारतीय भावना 'सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया' के साथ जोड़ा. उन्होंने कहा कि भारत ने जाति, मत, मजहब की बात नहीं की, बल्कि पूरी दुनिया में सबके सुख और आरोग्य की कामना की.
उन्होंने विश्व योग दिवस को इसका सबसे बड़ा उदाहरण बताया और कहा कि भारत के योग के साथ दुनिया के 200 देश जुड़ चुके हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र के बड़े अड्डे के रूप में देखा जा रहा है, हमें भी इसे हाथों हाथ लेना होगा.
मुख्यमंत्री ने समारोह में देश के 22 राज्यों से आए स्वास्थ्य अधिकारियों और पांच राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और 900 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि काशी भगवान शिव की नगरी होने के साथ भगवान धन्वंतरि की जन्मस्थली भी है.
उन्होंने कहा कि यह पवित्र शहर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि है और काशी में स्वास्थ्य को लेकर यह कार्यशाला देश को एक नया संदेश देगी.
प्रधानमंत्री की तारीफों के पुल बांधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण चीज समय पर सही फैसले करना है, दुनिया की सबसे बड़ी महामारी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सटीक और सही निर्णय लिए.’’
उन्होंने कहा कि भारत का स्वास्थ्य आधारभूत ढांचा उतना मजबूत नहीं था जितना दुनिया के कई विकसित देशों में था, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री की समय पर निर्णय लेने की क्षमता ने इसे दुनिया के लिए एक मॉडल बना दिया. सम्मेलन में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा नगर हवेली और दमन एवं दीव, गोवा, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम के स्वास्थ्य अधिकारियों सहित 22 राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित थे. राज्य सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि सम्मेलन के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने इन्सेफलाइटिस जैसी जानलेवा बीमारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के लगभग 38 जिलों में आधी सदी तक इस बीमारी ने मासूमों को असमय काल का ग्रास बनाया और 40 वर्ष में 50 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हुई.
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने अंतरविभागीय समन्वय स्थापित करके इस बीमारी पर 95 प्रतिशत तक काबू पा लिया है और अब सरकार इसे पूर्ण रूप से समाप्त करने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है. मंडाविया ने अपने संबोधन में कहा कि दो दिवसीय विचार-मंथन सत्र भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और सुधार में योगदान देगा. उन्होंने कहा कि वाराणसी में चिन्तन-मनन के इन दो दिनों ने हमें नीतिगत सुधारों के माध्यम से उपयोगी ज्ञान के साथ समृद्ध किया है. हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) की महत्वपूर्ण भूमिका की परिकल्पना करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि हेल्थ एण्ड वेलनेस सेण्टर्स स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के मन्दिरों की तरह हैं..केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और आशा कार्यकर्ताओं जैसे कार्यान्वयन स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों के काम की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि सीएचओ अग्रणी कड़ी हैं, जो अत्याधुनिक रूप से काम कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं. वे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेना हैं. सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज लक्ष्यों को प्राप्त करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने लक्ष्य के अनुसार एचडब्ल्यूसी के संचालन को प्राप्त करने वाले राज्यों को सम्मानित किया. उन्होंने निर्देशिका जारी की और ‘सशक्त’ पोर्टल का अनावरण किया.इस अवसर पर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, मणिपुर, सिक्किम के स्वास्थ्य मंत्री, प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, केन्द्र व विभिन्न राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 11, 2022 11:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

