जरुरी जानकारी | आवक कम रहने के बीच सभी तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मंडियों में आवक कम रहने के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सभी तेल-तिलहनों (सरसों, मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल) के दाम मजबूत बंद हुए।

नयी दिल्ली, 26 मार्च मंडियों में आवक कम रहने के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सभी तेल-तिलहनों (सरसों, मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल) के दाम मजबूत बंद हुए।

मलेशिया एक्सचेंज में सुधार है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज कल रात सुधार के साथ बंद हुआ था और अभी भी यहां सुधार चल रहा है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि हरियाणा सरकार ने राज्य की 116 मंडियों में 15 मार्च से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों की खरीद शुरू कर दी है जो धीरे-धीरे अब जोर पकड़ रही है। इस खरीद के कारण सरसों के हाजिर दाम भी सुधरे हैं मगर इस सुधार के बावजूद, हाजिर दाम एमएसपी से लगभग एक प्रतिशत कम हैं। इनमें बाद में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस सरकारी खरीद के बाद सरसों की बड़ी कंपनियों ने सरसों के हाजिर दाम में लगभग 200 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। मगर हाजिर दाम एमएसपी से अभी लगभग एक प्रतिशत कम ही है। किसानों की ओर से सरसों की आवक नहीं बढ़ी है और वे रोक-रोक कर अपनी उपज को बेच रहे हैं।

सूत्रों ने कहा कि नीचे भाव पर बिकवाली से बचने के बीच किसानों की ओर से आवक कम रहने के कारण मूंगफली तेल-तिलहन कीमतों में भी सुधार आया।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सबसे अधिक पॉल्ट्री कंपनियां हैं। वहां सोयाबीन डी-आयल्ड केक (डीओसी) की अच्छी मांग रहती है। महाराष्ट्र की मांग बढ़ने और शिकॉगो एक्सचेंज के मजबूत होने के कारण सोयाबीन तेल-तिलहन कीमतों में भी सुधार आया।

सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत रहने से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में भी मजबूती दिखी पर मौजूदा ऊंचे दाम पर इन तेलों के लिवाल कम हैं। सोयाबीन तेल का दाम अब भी पाम-पामोलीन के थोक दाम से लगभग 12 रुपये किलो अधिक बैठता है।

उन्होंने कहा कि मंडियों में बिनौले की आवक कम रही क्योंकि ज्यादातर स्टॉक सरकार ने पहले ही खरीद ली है। हरियाणा और पंजाब की तेल मिलें बिनौला सीड की खरीद महाराष्ट्र से कर रही हैं। आमतौर पर सामान्य दिनों में यह स्थिति अगस्त के दिनों में आती थी जो इस बार मार्च के ही महीने में देखी जा रही है जब स्टॉक कम हो रहा है। अगली फसल में लगभग सात माह का समय बचा हुआ है। यह स्थिति दर्शाती है कि किसानों के पास कपास नरमा का स्टॉक 15-16 प्रतिशत ही रह गया है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,125-6,225 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,725-6,100 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,550 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,270-2,570 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,345-2,445 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,345-2,470 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 12,750 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,650 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,250 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,200 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,225-4,275 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 3,925-3,975 रुपये प्रति क्विंटल।

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