देश की खबरें | जल से जुड़े विविध आयामों पर 5-6 जनवरी को भोपाल में होगा राज्यों के मंत्रियों का अखिल भारतीय सम्मेलन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जल शक्ति मंत्रालय 5-6 जनवरी को भोपाल में “जल से जुड़े विषय पर राज्यों के मंत्रियों के पहले अखिल भारतीय वार्षिक सम्मेलन” का आयोजन कर रहा है। जल शक्ति मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, चार जनवरी जल शक्ति मंत्रालय 5-6 जनवरी को भोपाल में “जल से जुड़े विषय पर राज्यों के मंत्रियों के पहले अखिल भारतीय वार्षिक सम्मेलन” का आयोजन कर रहा है। जल शक्ति मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।

मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘ “वॉटर विजन@2047” विषय पर राज्यों के मंत्रियों के पहले अखिल भारतीय वार्षिक सम्मेलन” का आयोजन पांच और छह जनवरी, 2023 को भोपाल, मध्यप्रदेश में किया जा रहा है।’’

बयान के अनुसार, केंद्र सरकार कार्य-योजना और भारत परिकल्पना प्रलेख@2047 को तैयार करने के लिये चर्चा कर रही है।

भारत@2047 के अंग के रूप में जल सुरक्षा की चुनौतियों के समाधान के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने ‘5पी’ का मंत्र दिया था, जिसमें पॉलिटिकल विल (राजनीतिक इच्छा शक्ति), पब्लिक फाइनेंसिंग (लोक वित्त), पार्टनरशिप (साझेदारी), पब्लिक पार्टीसिपेशन (जन भागीदारी) और परसुयेशन फॉर सस्टेनेबिलिटी (निरंतरता के लिये प्रेरणा) शामिल है।

मंत्रालय के अनुसार, आने वाले वर्षों में ऊंचाइयां हासिल करने के भारत के प्रयासों में भारत का जल सेक्टर महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।

जल शक्ति मंत्रालय का कहना है कि भोपाल में आयोजित होने वाले दो दिवसीय सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य राज्यों के विभिन्न जल हितधारकों से इंडिया@2047 और 5पी के लिये विचार एवं राय प्राप्त करना है।

बयान में कहा गया है कि ऐसा इसलिये जरूरी है क्योंकि जल राज्य का विषय है। इसके साथ ही राज्यों के साथ संलग्नता व साझेदारी में सुधार करना तथा जल शक्ति मंत्रालय की पहलों व योजनाओं को राज्यों के साथ साझा करना भी उक्त कार्यक्रम का लक्ष्य है।

इसमें कहा गया है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। जल शक्ति और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल भी कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहेंगे।

महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस सम्मेलन में जल प्रशासन पर एक महत्त्वपूर्ण विषयगत सत्र की अध्यक्षता करेंगे।

इसमें सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के जल संसाधन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) और सिंचाई विभागों के वरिष्ठ सचिव भी कृषि उत्पादन आयुक्तों के साथ सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

इस सम्मेलन में पांच विषयगत सत्र होंगे । पहला विषयगत सत्र जल की कमी, जल की अधिकता और पहाड़ी इलाकों में जल सुरक्षा पर होगा जबकि दूसरा सत्र व्यर्थ जाने वाले पानी/गंदे पानी को दोबारा इस्तेमाल करने सहित जल उपयोगिता दक्षता पर होगा।

इसमें तीसरा विषयगत सत्र ‘जल प्रशासन’ पर है, जिसका मकसद है केंद्र की पहल पर विभिन्न राज्यों को साथ लाना, ताकि जल क्षेत्र में भिन्नता को समाप्त किया जा सके। चौथे सत्र में देश में जलवायु परिवर्तन के मौजूदा परिदृश्य का समाधान करने तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने के लिये जरूरी उपाय करने पर चर्चा होगी ।

सम्मेलन में पांचवां सत्र जल की गुणवत्ता पर होगा, जिसमें पेयजल, सतह पर मौजूद जल और भूजल की गुणवत्ता की समस्याओं पर विचार किया जायेगा।

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