विदेश की खबरें | अल कायदा सरगना के काबुल में मारे जाने के बाद सबकी निगाहें तालिबान की ओर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. तालिबान ने अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की पूर्ण वापसी के संबंध में 2020 में हुए दोहा समझौते में यह वादा किया था कि वह अलकायदा के आतंकवादियों को पनाह नहीं देगा।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

तालिबान ने अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की पूर्ण वापसी के संबंध में 2020 में हुए दोहा समझौते में यह वादा किया था कि वह अलकायदा के आतंकवादियों को पनाह नहीं देगा।

अमेरिकी सैनिकों के अफगानिस्तान से जाने के करीब एक वर्ष बाद अल जवाहिरी के मारे जाने ने 9/11 के एक मास्टरमाइंड और अमेरिका के वांछित आतंकवादी को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने में तालिबानी नेताओं की संलिप्तता के संबंध में सवाल पैदा किए हैं।

जिस मकान में अल जवाहिरी मारा गया है वहां करीब ही तालिबान के कई नेता रहते हैं।

तालिबान ने शुरूआत में इस हमले को अमेरिका की ओर से दोहा समझौते का उल्लंघन करने वाला दिखाने की कोशिश की। समझौते में यह भी कहा गया है कि अमेरिका पर हमले की मंशा रखने वाले को तालिबान शरण नहीं देगा। तालिबान ने अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा है कि कौन मारा गया है।

पाकिस्तान के एक खुफिया अधिकारी ने कहा, ‘‘ अयमान अल जवाहिरी के मारे जाने ने कई प्रश्न पैदा किए हैं। तालिबान को उसके काबुल में होने के बारे में पता था और अगर उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।’’

‘हक्कानी नेटवर्क’ का गठन जलालुद्दीन हक्कानी ने किया था, यह एक आतंकवादी संगठन है। सोवियत सेना के खिलाफ युद्ध के दौरान जलालुद्दीन हक्कानी अफगानिस्तान के एक विद्रोही कमांडर के रूप में उभरा था।

अमेरिका के विदेश मंत्री ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर ‘‘काबुल में अल कायदा प्रमुख को रखने और सुरक्षा देकर’’ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की गई प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

वहीं तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने अमेरिका पर दोहा समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

अफगानिस्तान के सरकारी टेलीविजन चैनल में एक खबर में कहा गया कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अल जवाहिरी मारा गया है।

गौरतलब है कि अमेरिका पर 9/11 को हुए हमलों की साजिश अल-ज़वाहिरी और ओसामा बिन-लादेन ने मिलकर रची थी। ओसामा बिन-लादेन को अमेरिका ने 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में एक अभियान में मार गिराया था। ज़वाहिरी अमेरिकी कार्रवाई में ओसामा बिन-लादेन के मारे जाने के बाद अल-कायदा का सरगना बना था।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोमवार को घोषणा की कि केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) द्वारा काबुल में शनिवार शाम किए गए ड्रोन हमले में ज़वाहिरी मारा गया। ज़वाहिरी काबुल स्थित एक मकान में अपने परिवार के साथ छिपा था।

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