देश की खबरें | सभी वर्गो को समान अधिकार, आर्थिेक एवं सामाजिक समानता मिलनी चाहिए : ओम बिरला
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नयी दिल्ली, 12 जून लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विविधता को भारतीय मूल्यों का आधार करार देते हुए सोमवार को कहा कि सभी वर्गों को समान अधिकार और स्वतंत्रता प्रदान करने के साथ आर्थिक एवं सामाजिक समानता भी मिलनी चाहिए।
बिरला ने कहा, ‘‘ हमें अपनी विरासत को संरक्षित रखने के साथ ही विकास के नए आयाम स्थापित करने की भी आवश्यकता है।’’
लोकसभा अध्यक्ष ने संसद भवन के केन्द्रीय कक्ष में संसदीय लोकतंत्र शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सदस्यों को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा और जनजातीय मामलों की राज्य मंत्री रेणुका सिंह सरुता भी मौजूद थीं।
लोकसभा सचिवालय के बयान के अनुसार, बिरला ने प्रकृति, परंपरा और संस्कृति के ज्ञान की जनजातीय विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही वनवासियों ने प्रकृति के साथ तालमेल से रहने का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि आदिवासियों और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लोगों की जीवन शैली हमेशा प्रकृति के अनुरूप रही है और आधुनिक दुनिया को उनसे बहुत कुछ सीखना है।
बिरला ने वन उपज के साथ आदिवासी लोगों की कला और शिल्प का जिक्र किया जिसके अनूठेपन के कारण इनकी मांग पूरी दुनिया में बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि इससे इन परंपराओं को जीवित रखा जा सकेगा और साथ ही ऐसे समूहों के बारे में जानकारी का प्रसार करने में मदद मिलेगी तथा ऐसे लोग अपने पारंपरिक मूल्यों और शिल्प को भी संरक्षित कर सकते हैं।
उन्होंने यह विश्वास भी व्यक्त किया कि भारत में शीघ्र ही न केवल जीवन के सभी क्षेत्रों में बल्कि संसद में भी इस समूह के लोगों का अधिक प्रतिनिधित्व होगा।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि देश के विभिन्न संस्थानों, शासन और निकायों में जनजातीय समुदायों की भागीदारी को सुव्यवस्थित किया जाना चाहिए, क्योंकि जनभागीदारी बढऩे से जनजातीय समाज के लोग भी इन संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण में अपना योगदान सुनिश्चित कर सकते हैं ।
उन्होंने कहा कि इससे भारतीय लोकतंत्र की जीवंतता और विविधता बढ़ेगी ।
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