कोलकाता, दो मई प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक सत्यजीत राय की शुरुआती श्वेत-श्याम फिल्मों के प्रिंट को संरक्षित कर लिया गया है और जल्द ही वैश्विक दर्शकों के सामने उन्हें प्रदर्शित किया जाएगा। फिल्म निर्देशक के बेटे संदीप राय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि उनके पिता की कृतियां लोकप्रिय बनी रहीं, क्योंकि उन्होंने 1955 में रिलीज हुई ‘पाथेर पांचाली’ से शुरुआत कर अपनी फिल्मों में हर दौर पर प्रासंगिक बने रहने वाले तत्व शामिल किए। उनकी फिल्म ‘पाथेर पांचाली’ को कान मोहत्सव में भी सराहा गया।
‘पीटीआई वीडियो’ सेवा को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “हम महामारी के कारण सत्यजीत राय की 100वीं जयंती (2021 में) मनाने के लिए बहुत कुछ नहीं कर सके। हम इसे बड़े पैमाने पर मनाने के लिए एक कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करेंगे, जिसमें उनके सिनेमा का बीता हुआ दौर भी शामिल है।”
खुद जाने माने निर्देशक संदीप राय ने कहा, “उनकी (सत्यजीत राय की) अधिकांश फिल्में - सभी श्वेत-श्याम फिल्मों सहित - को संरक्षित कर दिया गया है। हम अब ‘कंचनजंगा’ (राय की मूल पटकथा पर आधारित एक पारिवारिक नाटक) को बहाल करने पर काम कर रहे हैं।”
अपने पिता द्वारा लिखी कहानियों पर आधारित जासूसी फिल्म श्रृंखला का निर्माण करने वाले संदीप राय कोलकाता में बिशप लेफ्रॉय रोड स्थित फ्लैट में दिग्गज फिल्म निर्देशक की 102वीं जयंती का एक जश्न मना रहे हैं।
अपने पिता की फिल्म के प्रिंट, स्क्रिप्ट और अन्य दस्तावेजों की स्थिति के बारे में बात करते हुए संदीप राय ने कहा, “हम सतर्क हैं और यह देखेंगे कि उनकी फिल्मों को और नुकसान न हो।”
समय और कुछ अन्य कारणों से राय के शुरुआती कार्यों में से कई को नुकसान हुआ था, लेकिन एक फाउंडेशन द्वारा किए गए श्रमसाध्य काम ने प्रिंट को पुन:बहाल और डिजिटाइज़ किया है।
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