देश की खबरें | असम राज्यसभा चुनाव में एआईयूडीएफ ने ‘क्रॉस वोटिंग’ की: कांग्रेस का दावा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने असम में हाल में हुए राज्यसभा चुनाव में अपने आधिकारिक प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान न कर सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में अपना वोट डाला, जिसके परिणामस्वरूप विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार की हार हुई।

गुवाहाटी, दो अप्रैल कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने असम में हाल में हुए राज्यसभा चुनाव में अपने आधिकारिक प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान न कर सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में अपना वोट डाला, जिसके परिणामस्वरूप विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार की हार हुई।

विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि कांग्रेस के 27 विधायकों में से 25 ने हमारे संयुक्त उम्मीदवार को वोट दिया। एक वोट अयोग्य घोषित कर दिया गया जबकि दूसरे ने सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार को वोट दिया।’’

अयोग्य वोट सिद्दीकी अहमद का था और दूसरा शशि कांत दास का था, जिन्होंने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे। दोनों विधायकों को कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया है।

असम से राज्यसभा की दो सीटों के लिए बृहस्पतिवार को चुनाव हुआ था जिसमें सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवारों, पवित्रा मार्गेरेटा और रवंगरा नारजारी विजेता हुए थे। उनका मुकाबला निवर्तमान सांसद एवं विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार रिपुन बोरा से था।

मार्गेरेटा को 46 और नारजारी को 44 वोट मिले, जबकि बोरा को सिर्फ 35 वोट मिले। विधानसभा के सभी 126 सदस्यों ने मतदान किया था, जिसमें एक वोट अयोग्य घोषित किया गया था।

सैकिया ने दावा किया कि बाकी सभी 25 कांग्रेस विधायकों ने बोरा को वोट दिया था, वहीं माकपा के एकमात्र विधायक और निर्दलीय विधायक ने भी उन्हें ही वोट किया था। बोरा को मिले 35 में से कुल 27 वोट इस तरह से मिले थे।

उन्होंने कहा, ‘‘जिस पार्टी ने 15 वोटों का आश्वासन दिया था, उसने हमारे पक्ष में केवल आठ वोट दिए और बाकी कहीं और गए।’’ उनका इशारा परोक्ष तौर पर एआईयूडीएफ की ओर था जिसके सदन में 15 सदस्य हैं और उसने बोरा की उम्मीदवारी का समर्थन करने की घोषणा की थी।

सैकिया ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने राज्य विधानसभा में भाजपा विधायकों की सदन के अंदर और साथ ही सदन के बाहर कथित टिप्पणी को लेकर विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया है कि कांग्रेस के विधायकों ने सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवारों को वोट दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘अध्यक्ष ने हमें इस पर गौर करने का आश्वासन दिया है।’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने विपक्षी खेमे में अन्य दलों से परामर्श किए बिना चुनाव के लिए एआईयूडीएफ द्वारा अपना एजेंट नामित करने पर भी सवाल उठाया। सैकिया ने कहा, ‘‘उन्होंने हमें बताए बिना ही रहस्यमय तरीके से अपने पोलिंग एजेंट की घोषणा कर दी। उन्होंने ऐसा क्यों किया यह मेरे लिए एक पहेली है।’’

सैकिया ने कहा कि चुनाव के लिए कांग्रेस के एजेंट पृथ्वीराज साठे का नाम पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने दिया था, जिसे राज्य के विधायक दल ने मतदान एजेंट को नामित करने के लिए अधिकृत किया था।

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