त्रिपोली में तैनात बलों के प्रवक्ता, कर्नल मोहम्मद गोनोनोउ ने रविवार को कहा कि ये हमले सैन्य कमांडर खलीफा हफ्तार से संबद्ध “विदेशी विमानों” द्वारा किए गए है।
हफ्तार के बलों को संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और रूस का समर्थन प्राप्त है जबकि त्रिपोली को तुर्की, कतर और इटली की साथ मिला हुआ है। लीबिया 2015 से दो प्रतिद्ंवद्वी सरकारों के बीच बंटा हुआ है- एक पूर्व में, जो हफ्तार से संबद्ध है और दूसरी संयुक्त राष्ट्र समर्थित त्रिपोली की सरकार है।
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इनमें से कई विदेशी समर्थक लीबिया के तेल संसाधनों पर अपना नियंत्रण करने के लिहाज से स्पष्ट तौर पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश में हैं।
त्रिपोली के अधिकारियों के मुताबिक शनिवार देर रात दक्षिण पश्चिमी त्रिपोली के अल वेतयया हवाईअड्डे पर हुए हमले में वायु रक्षा प्रणालियों समेत हाल ही में तुर्की द्वारा लाये गये सैन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए ।
हफ्तार बलों से जुड़े एक अधिकारी, ब्रिगेडियर खलीद अल महजूब ने कहा कि अड्डे पर कम से कम नौ लक्ष्य प्रभावित हुए हैं।
तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि हवाई हमलों में अड्डे की कुछ प्रणालियां भी क्षतिग्रस्त हुईं लेकिन ये कैसी प्रणालियां थी इस बारे में विस्तार से नहीं बताया।
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