देश की खबरें | दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति असामान्य, जल्द सुधार की उम्मीद नहीं : केंद्रीय एजेंसी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 10 नवंबर दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति ''असामान्य'' है और वायु प्रदूषण के ''गंभीर'' की श्रेणी से बाहर आने की निकट समय में कोई संभावना नहीं है। एक केंद्रीय पूर्वानुमान एजेंसी ने मंगलवार को यह बात कही।

पृथ्वी-विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली ''सफर'' के मुताबिक, इस स्थिति के लिए तीन कारक जिम्मेदार हैं, जिनमें माध्यमिक कणों का एकत्र होना, हवा की बेहद धीमी रफ्तार और पराली जलाने संबंधी प्रदूषण शामिल है।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Election Results 2020: रुझानों के हिसाब से बिहार में लेफ्ट का प्रदर्शन 1980 के बाद पहली बार बेहतर, क्या कन्हैया कुमार है कारण?.

इसके मुताबिक, '' दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ''गंभीर'' की श्रेणी के बिल्कुल करीब है जोकि एक असामान्य स्थिति है।''

सफर ने कहा, '' उच्च नमी के चलते आर्द्रता नए उच्च स्तर पर पहुंच गई है और ऐसे ठंडे मौसम में हवा के ठहराव की क्षमता बढ़ गई है, जिसके कारण प्रदूषक तत्व हवा में ही बने हुए हैं।''

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Election Result 2020: महागठबंधन और एनडीए में कांटे की टक्कर, RJD बोली-84 सीटों पर पार्टी आगे, अंतिम समय तक बने रहें.

इसके मुताबिक, हवा की बेहद धीमी गति बरकरार रहने के चलते नए एवं पुराने प्रदूषक कण स्थानीय वातावरण में बने रहते हैं।

सफर के मुताबिक, हवा की दिशा एवं गति अनुकूल रहने के चलते पराली संबंधी प्रदूषण मंगलवार सुबह तक जारी रहा। हालांकि, अब हवा की दिशा में बदलाव हुआ है, जिसकी वजह से पराली जलाने संबंधी प्रदूषण में कमी आ सकती है।

सफर के मुताबिक, नमी के स्तर में कमी नहीं आती है तो पहले दो कारकों के कारण स्थिति में जल्द कोई सुधार की संभावना नहीं है।

इसके मुताबिक, हवा की दिशा में बदलाव होने और इसकी रफ्तार में वृद्धि होने की सूरत में बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक्यूआई स्तर ''गंभीर'' की श्रेणी से कम होकर ''बेहद खराब'' श्रेणी के उच्चतम स्तर तक रहने की संभावना है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)