देश की खबरें | दिल्ली में वायु गुणवता 'मध्यम' श्रेणी में, बुधवार को आसमान साफ रहने के संकेत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को वायु गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ और यह 'मध्यम' श्रेणी में आ गयी।
नयी दिल्ली, 17 नवंबर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को वायु गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ और यह 'मध्यम' श्रेणी में आ गयी।
इससे पहले बारिश और तेज हवा चलने से प्रदूषण के स्तर में कमी दर्ज की गयी।
अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मोबाइल ऐप ‘समीर’ के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक सुबह में 168 जबकि शाम में 171 दर्ज किया गया जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। यह सोमवार के 221 के मुकाबले काफी बेहतर है, जो 'खराब' श्रेणी में आता है।
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वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के ‘सफर’ ने कहा है कि यह सुधार कुछ समय के लिये है और बुधवार को यह 'खराब' श्रेणी में पहुंच जायेगी।
राजधानी में रविवार को 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 435 जबकि शनिवार को 414 दर्ज किया गया था।
शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक को अच्छा, 51 से 100 के बीच को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को 'मध्यम', 201 से 300 के बीच को 'खराब', 301 से 400 के बीच को 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच को 'गंभीर' माना जाता है।
सफर के अनुसार मंगलवार सुबह दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 'मध्यम' श्रेणी में था।
राष्ट्रीय राजधानी के आसपास के इलाकों में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज किया गया । फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 172, गाजियाबाद में 166, ग्रेटर नोएडा में 186 एवं नोएडा में 178 दर्ज किया गया ।
इन शहरों में वायु गुणवत्ता सोमवार को खराब श्रेणी में दर्ज की गई जबकि रविवार एवं शनिवार को यह गंभीर श्रेणी में थी।
गुरुग्राम के वायु गुणवत्ता सूचकांक में कुछ सुधार हुआ लेकिन 204 के साथ यह 'खराब' श्रेणी में बना हुआ है। सोमवार को यह 246 था।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बुधवार को आसमान साफ रहेगा और सुबह थोड़ी धुंध हो सकती है।
विभाग ने कहा कि न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
दिल्ली में दिवाली पर पिछले चार साल में सबसे खराब प्रदूषण स्तर दर्ज किया गया था।
इसका मुख्य कारण प्रतिकूल मौसम स्थिति, खेतों में पराली जलाना और पटाखे फोड़ना था। दिवाली के दूसरे दिन वायु गुणवत्ता 2016 के बाद सबसे खराब थी।
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