देश की खबरें | एआईएमआईएम सांसद ने महाराष्ट्र में एमवीए के साथ गठबंधन का प्रस्ताव दिया, शिवसेना ने किया खारिज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज जलील ने यह बयान देकर महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारे में हलचल बढ़ा दी है कि भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए उनकी पार्टी शिवसेना की अगुवाई वाली सत्तारूढ़ महा विकास अघाडी (एमवीए) गठबंधन के साथ हाथ मिला सकती है।

औरंगाबाद, 19 मार्च एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज जलील ने यह बयान देकर महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारे में हलचल बढ़ा दी है कि भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए उनकी पार्टी शिवसेना की अगुवाई वाली सत्तारूढ़ महा विकास अघाडी (एमवीए) गठबंधन के साथ हाथ मिला सकती है।

शिवसेना ने औरंगाबाद का नाम बदलने एवं वंदे मातरम के गायन जैसे मुद्दों पर असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली पार्टी के रूख की बात छेड़कर एमवीए के ‘तीन तीन पहियों वाले एक ऑटो-रिक्शा से ‘आरामदायक कार’ में बदलने की जलील की पेशकश शनिवार को खारिज कर दी।

इस बीच एमवीए के दो अन्य घटक दलों-- राकांपा एवं कांग्रेस ने कहा कि एआईएमआईएम को साबित करना चाहिए वह ‘‘समान विचारधारा वाली’’ पार्टी है न कि ‘‘भाजपा की बी टीम। ’’

जलील ने शुक्रवार को कहा था कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ गठजोड़ करने को तैयार है।

उन्होंने कहा कि उनकी मां के निधन पर शोक प्रकट शुक्रवार को जब राकांपा नेता एवं राज्य के मंत्री राजेश टोपे उनके घर पर आये थे तब उन्होंने यह बात कही।

उन्होंने कहा था, “ हमेशा यह आरोप लगाया जाता है कि भाजपा हमारी वजह से जीतती है। ’’ वह इस आरोप का हवाला दे रहे थे कि उनकी पार्टी मुस्लिम मतों में विभाजन कर देती है जिससे भाजपा को फायदा हो जाता है।

जलील ने कहा था, “इस आरोप को गलत साबित करने के लिए मैंने टोपे को प्रस्ताव दिया कि हम गठबंधन के लिए तैयार हैं।’’

उन्होंने शनिवार को अपनी पेशकश दोहरायी एवं कहा, “शिवसेना में भाजपा को अकेले दम पर हराने की ताकत नहीं बची है। इसलिए उसे कांग्रेस और राकांपा के सहयोग की जरूरत है। मैं एमवीए रूपी ऑटो-रिक्शा को आरामदायक कार में बदलने के लिए उसमें एक और पहिया जोड़ने का प्रस्ताव देता हूं।”

एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष ने एक मराठी चैनल से कहा, “हमने उस पार्षद को पार्टी से निष्कासित कर दिया है, जिसने औरंगाबाद नगर निगम में ‘वंदे मातरम’ को गाये जाने का विरोध किया था और अब वह राकांपा में शामिल हो गया है।”

इस बीच, शिवसेना नेता अम्बादास दानवे ने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम के साथ गठबंधन का सवाल ही नहीं पैदा होता क्योंकि वह पार्टी हमेशा से ही ‘वंदे मातरम’ का विरोध करती है और उसने यहां भगवा झंडा हटाकर हरा झंडा फहराया था। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “एआईएमआईएम एक ऐसी पार्टी है, जो ‘रजाकार’ की विचारधारा पर चलती है। उससे हाथ मिलाने का सवाल ही नहीं उठता है।”

दानवे के आरोपों का जवाब देते हुए जलील ने कहा, “न तो मैं, न ही वह ‘रजाकार’ के दौर में पैदा हुए थे। शिवसेना सांसद संजय राउत कहते हैं कि हम मुगल बादशाह औरंगजेब की मजार के सामने सिर झुकाते हैं। मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि हम एक नए दौर में जी रहे हैं और औरंगजेब इतिहास का हिस्सा है।”

एआईएमआईएम सांसद ने कहा, “कोई भी मुसलमान किसी कब्र के सामने सिर नहीं झुकाता। औरंगजेब आपको स्वीकार्य हो या न हो, लेकिन हकीकत यह है कि उन्होंने देश पर शासन किया था। जब मैंने एक विशिष्ट सवाल पूछा तो वे औरंगजेब और ‘रजाकार’ पर आ गए।”

जलील ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम ने समाजवादी पार्टी एवं बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का प्रस्ताव दिया था लेकिन ‘वे मुसलमानों का वोट चाहते हैं लेकिन असदुद्दीन आवैसी उन्हें नहीं चाहिए।’’

शिवसेना सांसद संजय राउत ने जलील के सुझाव को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जो ‘‘औरंगजेब की मजार के सामने सिर झुकाते हैं,’’ वे महाराष्ट्र के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकते हैं।

राउत ने कहा, ‘‘एआईएमआईएम का भाजपा के साथ गुप्त गठजोड़ है, जो उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल में साबित हो गया है। एआईएमआईएम भाजपा की ‘बी’ टीम है और रहेगी। एमवीए त्रिदलीय गठबंधन है और यहां चौथे साझेदार की गुंजाइश नहीं है।’’

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि ओवैसी की अगुवाई वाली पार्टी को यह साबित करना चाहिए कि राजनीतिक रूप से भाजपा के खिलाफ है, यहां तक कि आम लोग भी एआईएमआईम को भाजपा की बी टीम मानते हैं।

इस बीच वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने जलील के बयान को लेकर अपने पूर्व सहयोगी शिवसेना पर पर निशाना साधा एवं सवाल किया, ‘‘ क्या शिवसेना और एमआईएमआईएम साथ आयेंगी? इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। शिवसेना ने ‘अजान’ प्रतियोगिता शुरू की है और वह जनाब बालासाहब ठाकरे कह रही है। इसलिए उनके साथ आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।’’

एआईएमआईएम ने 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में दो सीटें जीती थीं।

प्रदेश राकांपा अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कई सपा उम्मीदवारों की हार के लिए एआईएमआईएम जिम्मेदार थी।

पाटिल ने कहा, ‘‘एआईएमआईएम को यह साबित करना चाहिए कि उसे समान विचारधारा वाली पार्टी माना जा सकता है और उसे अपनी भड़काऊ छोड़ देनी चाहिए।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

GT vs MI, IPL 2026 30th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा गुजरात टाइटंस बनाम मुंबई इंडियंस के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

PBKS vs LSG, IPL 2026 29th Match Scorecard: चंडीगढ़ मुकाबले में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 54 रनों दी पटखनी, लगाया जीत का पंजा; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

Will MS Dhoni Play in MI vs CSK IPL 2026 Match: मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नई सुपरकिंग्स के मुकाबले से पहले बड़ी खबर, क्या आईपीएल 2026 में वापसी करेंगे एमएस धोनी? फिटनेस को लेकर आया अपडेट

Manipur Tension: मणिपुर में फिर बढ़ा तनाव, उखरुल में पूर्व सैनिक समेत दो की हत्या से हालात बिगड़े; संदिग्ध उग्रवादियों पर FIR दर्ज