देश की खबरें | चिकित्सा सेवाओं को सुव्यवस्थित करेगा नयी दिल्ली में स्थित एम्स
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने आपातकालीन चिकित्सा और शल्य चिकित्सा सेवाओं की दक्षता व प्रभावशीलता को बढ़ाने के प्रयास के तहत मरीजों की देखभाल के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने की योजना बनाई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 11 सितंबर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने आपातकालीन चिकित्सा और शल्य चिकित्सा सेवाओं की दक्षता व प्रभावशीलता को बढ़ाने के प्रयास के तहत मरीजों की देखभाल के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने की योजना बनाई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इस फैसले का मकसद आपात चिकित्सा की जरूरत वाले रोगियों की बड़ी संख्या होने से उत्पन्न चुनौतियों से निपटना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी जरूरतमंदों को तुरंत और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले।
एम्स के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि एम्स-नयी दिल्ली का मुख्य आपातकालीन विभाग प्रतिदिन 400 से अधिक रोगियों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इस लिहाज से लगभग हर तीन मिनट में एक मरीज को देखा जाता है।
हालांकि, विभिन्न वार्डों से रोजाना औसतन लगभग 250 मरीजों को छुट्टी दी जाती है, जिससे मरीजों के आने और जाने के बीच असंतुलन पैदा होता है। इसके अतिरिक्त, ओपीडी में कुछ मरीज ऐसे भी आते हैं जो वर्षों पहले समय ले चुके होते हैं।
श्रीनिवास ने कहा, “मरीजों की इस निरंतर आमद के कारण अक्सर आपातकालीन विभाग में बिस्तरों की कमी हो जाती है, जिससे प्रतीक्षा समय बढ़ जाता है या आसपास के अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है।”
इस समस्या से निपटने और एम्स में आपातकालीन सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए, सभी क्लीनिकल विभागों के बीच व्यापक समन्वय कायम करने का प्रयास किया गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)