देश की खबरें | एम्स ने डीएमआरसी से अस्पताल के परिसर तक फीडर बस सेवा बढ़ाने को कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने आवागमन की चुनौतियों का सामना कर रहे मरीजों, परिचारकों और अस्पताल के कर्मचारियों की परेशानी को हल करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) से अस्पताल परिसर तक फीडर बस सेवा बढ़ाने का आग्रह किया है।
नयी दिल्ली, आठ अगस्त अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने आवागमन की चुनौतियों का सामना कर रहे मरीजों, परिचारकों और अस्पताल के कर्मचारियों की परेशानी को हल करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) से अस्पताल परिसर तक फीडर बस सेवा बढ़ाने का आग्रह किया है।
एम्स के निदेशक डॉ. श्रीनिवास ने बताया कि एम्स में प्रतिदिन लगभग 40 से 50 हजार लोग आते हैं और उनमें से अधिकांश दिल्ली मेट्रो की सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। उन्होंने बताया कि मेट्रो स्टेशन से एम्स परिसर तक सुविधाजनक परिवहन की जरूरत स्पष्ट रूप से महसूस की जा रही है।
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार को लिखे पत्र में श्रीनिवास ने कहा कि वर्तमान में एम्स मेट्रो स्टेशन और साउथ एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन से अस्पताल पहुंचा जा सकता है और ये दोनों इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने के दो महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदु हैं। पत्र में कहा गया कि एम्स परिसर तीन अलग-अलग भूमि खंडों, मस्जिद मोठ, अंसारी नगर और राज नगर में बंटा हुआ है।
श्रीनिवास ने पत्र में कहा इसके परिणामस्वरूप दिल्ली मेट्रो से आने वालों लोगों को काफी दूर तक पैदल चलना पड़ता है या फिर यहां पहुंचने के लिए ऑटोरिक्शा जैसे परिवहन के वैकल्पिक साधनों को तलाशने जैसी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि आरामदायक वातानुकूलित मेट्रो यात्रा के बावजूद एम्स आने वाले गरीब और बीमार मरीजों के लिए यह परेशानी विशेष रूप से बोझिल साबित होती है। श्रीनिवास ने पत्र में कहा, ''हमने एम्स परिसर के भीतर मरीजों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक कार्ट का प्रावधान किया है। हालांकि, मेट्रो स्टेशन से एम्स के विभिन्न परिसरों तक समान कनेक्टिविटी नहीं है।''
श्रीनिवास ने एम्स मेट्रो स्टेशन और साउथ एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन से अंसारी नगर, मस्जिद मोठ व राजनगर के एम्स परिसरों तक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसें शुरू कर फीडर बस सेवा को बढ़ाने के लिए डीएमआरसी का समर्थन मांगा है।
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