नयी दिल्ली, 18 दिसंबर अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने कहा है कि एआईएफएफ राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) के चयन की संभावना पर गौर कर रहा है और जल्द ही ऐसे 24 खिलाड़ियों से संपर्क करेगा।
पीआईओ और भारत के विदेशी नागरिक (ओसीआई) खिलाड़ियों का राष्ट्रीय टीम में चयन लंबे समय से बहस का मुद्दा रहा है।
राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच इगोर स्टिमक पहले ही भारतीय टीम में पीआईओ खिलाड़ियों के चयन की जरूरत की वकालत कर चुके हैं। लेकिन ऐसा करना आसान नहीं होगा क्योंकि भारतीय कानून दोहरी नागरिकता को स्वीकृति नहीं देता।
अगर कोई पीआईओ खिलाड़ी भारत के लिए खेलना चाहता है तो उसे भारतीय नागरिकता लेनी होगी। नागरिकता के लिए आवेदन करने से पहले उस व्यक्ति को 12 महीने भारत में रहना होगा।
चौबे ने खिलाड़ियों के नाम का खुलासा किए बिना पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘हम 24 पीआईओ खिलाड़ियों से संपर्क करने पर विचार कर रहे हैं जो दुनिया भर में खेल रहे हैं। लेकिन आपको पता है कि दोहरी नागरिकता का मुद्दा है। इसलिए हमें देखना होगा कि केंद्र सरकार के नियमों के भीतर यह कैसे हो पाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस मुद्दे पर हमारी आंतरिक चर्चा हुई है और एक बार अधिक स्पष्टता होने के बाद हम और जानकारी देंगे। ’’
नौ नवंबर को हुई कार्यकारी समिति की बैठक के ‘ड्राफ्ट मिनट’ के अनुसार पंजाब फुटबॉल संघ के अध्यक्ष समीर थापर के नेतृत्व में एआईएफएफ की एक उप समिति ‘इस विषय पर जानकारी एकत्रित करेगी’ जिससे कि राष्ट्रीय महासंघ किसी निर्णय पर पहुंच सके।
कार्यकारी समिति की बैठक के ‘ड्राफ्ट मिनट’ के अनुसार, ‘‘पीआईओ और ओसीआई को शामिल करने की अपील के बाद अध्यक्ष (चौबे) ने इस मुद्दे पर थापर से चर्चा की (पंजाब दौरे के दौरान) और उन्हें उप समिति की अगुआई करने की पेशकश की।’’
इसमें कहा गया, ‘‘थापर राजी हो गए और समिति इस विषय पर जानकारी एकत्रित करेगी जिससे कि एआईएफएफ इस मामले में फैसला कर सके।’’
इंग्लैंड के बॉब हॉटन जब 2006 से 2011 तक राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच थे तो माइकल चोपड़ा से संपर्क के प्रयास हुए थे जो इंग्लैंड की आयु वर्ग की टीमों के अलावा न्यूकासल यूनाईटेड और नॉटिंघम फॉरेस्ट जैसी टीमों से खेल चुके थे। उनसे पूछा गया था कि क्या वे भारत के लिए खेलना चाहते हैं।
लेकिन सरकार के 2008 के नियम ने पीआईओ खिलाड़ियों की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया जिसके अनुसार अगर वे देश के लिए खेलना चाहते हैं तो उन्हें भारतीय नागरिक बनना होगा। सरकार ने पीआईओ और ओसीआई कार्ड धारकों को तब तक भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए अयोग्य कर दिया जब तक कि वे अपनी विदेशी नागरिकता छोड़कर भारतीय पासपोर्ट नहीं बनवाते।
चौबे ने कहा कि भारत को बेहतर रैंकिंग वाले देशों से अधिक मुकाबले खेलने की जरूरत है लेकिन फीफा रैंकिंग में अंतर काफी अधिक नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘वास्तविक दृष्टिकोण 76 से 100 रैंकिंग वाले देशों के खिलाफ खेलना होगा जिससे हमारी टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा। एक बार जब हम शीर्ष 75-80 में पहुंच जाएं तो हमें यूरोपीय टीमों से खेलने पर ध्यान देना चाहिए।’’
भारत की मौजूदा फीफा रैंकिंग 102 है।
एआईएफएफ अध्यक्ष ने साथ ही कहा कि कतर के दोहा में 12 जनवरी से शुरू हो रहे एएफसी एशियाई कप से पहले राष्ट्रीय टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
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