देश की खबरें | अहमदाबाद नगर निगम ने क्लिनिकल परीक्षण आय में अनियमितताओं के चलते नौ डॉक्टरों को निलंबित किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने नगर निगम के एक अस्पताल में क्लिनिकल परीक्षणों से प्राप्त आय में अनियमितताओं के आरोपों के बाद निगम संचालित मेडिकल कॉलेज के एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित नौ डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अहमदाबाद, 22 अप्रैल अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने नगर निगम के एक अस्पताल में क्लिनिकल परीक्षणों से प्राप्त आय में अनियमितताओं के आरोपों के बाद निगम संचालित मेडिकल कॉलेज के एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित नौ डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कानून के तहत अनिवार्य ‘नैतिकता समिति’ बनाने के बजाय, इन डॉक्टरों ने अपनी समिति गठित कर ली और क्लिनिकल परीक्षण कर लिया।

एएमसी ने जांच तब शुरू की जब कांग्रेस पार्षद राजश्री केसरी ने रविवार को आरोप लगाया कि एएमसी द्वारा संचालित वी एस अस्पताल में अवैध क्लिनिकल परीक्षणों के कारण चार वर्षों में कम से कम तीन मरीजों की जान चली गई।

अहमदाबाद के चांदखेड़ा वार्ड से कांग्रेस पार्षद केसरी ने दावा किया कि चार वर्षों में 500 मरीज अस्पताल में क्लिनिकल परीक्षण में शामिल हुए लेकिन क्लिनिकल परीक्षण विभाग के प्रमुख डॉ. देवांग राणा और अन्य ने चार फार्मा कंपनियों द्वारा भुगतान की गई प्रवेश शुल्क राशि हड़प ली और अस्पताल को कुछ भी नहीं दिया।

गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने सोमवार को कहा, ‘‘प्रारंभिक जांच के बाद, एएमसी ने राणा और अस्पताल में क्लिनिकल परीक्षण टीम का हिस्सा रहे आठ अन्य डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है।’’

डॉ. राणा एनएचएल म्यूनिसिपल मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे और उन्हें 2021 में वी एस अस्पताल में क्लिनिकल ट्रायल के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था।

राणा स्थायी कर्मचारी हैं, जबकि आठ अन्य डॉक्टरों को एएमसी ने अनुबंध के आधार पर काम पर रखा था। मंत्री पटेल ने कहा, ‘‘आमतौर पर, क्लिनिकल परीक्षण से होने वाली आय को दो हिस्सों में बांटा जाता है। एक हिस्सा डॉक्टरों को जाता है, जबकि दूसरा अस्पताल को जाता है। इस मामले में, हमने पाया कि डॉक्टरों ने पूरी राशि अपने पास रख ली थी। हमने राणा और इसमें शामिल आठ अन्य डॉक्टरों को पहले ही निलंबित कर दिया है।’’

उन्होंने कहा कि जांच अभी भी जारी है और जांच के निष्कर्षों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अपने पास मौजूद विभिन्न दस्तावेजों का हवाला देते हुए केसरी ने दावा किया कि राणा और अन्य द्वारा किए गए क्लिनिकल परीक्षण के कारण कम से कम तीन मरीजों की मौत हो गई।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास अनियमितताओं को साबित करने के लिए कई दस्तावेज हैं। चार कंपनियों ने मरीजों पर क्लिनिकल परीक्षण करने के लिए वी एस अस्पताल के प्रबंधन के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। मेरी जानकारी के अनुसार, इस अवैध क्लिनिकल शोध के कारण कम से कम तीन मरीजों की मौत हो गई।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Zimbabwe vs West Indies, T20 World Cup 2026 44th Match Weather Update: जिम्बाब्वे बनाम वेस्टइंडीज मुकाबले में बारिश डालेगी खलल या फैंस उठाएंगे पूरे मैच का लुफ्त? यहां जानें मुंबई के मौसम का हाल

India vs South Africa, T20 World Cup 2026 43rd Match Scorecard: अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया 76 रनों से दी करारी शिकस्त, मार्को जानसन ने चटकाए 4 विकेट; यहां देखें IND बनाम SA मैच का स्कोरकार्ड

Zimbabwe vs West Indies T20 World Cup Stats: टी20 वर्ल्ड कप में एक दूसरे के खिलाफ कुछ ऐसा रहा है जिम्बाब्वे बनाम वेस्टइंडीज का प्रदर्शन, यहां देखें आंकड़े

India vs South Africa, T20 World Cup 2026 43rd Match Scorecard: अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया के सामने रखा 188 रनों का लक्ष्य, डेविड मिलर ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

\