देश की खबरें | नयी शिक्षा नीति में कृषि और कम्प्यूटर को देना होगा समुचित स्थान: मिश्र

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एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

जयपुर, सात सितम्बर राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने नयी शिक्षा नीति में कृषि और कंप्यूटर को समुचित स्थान देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे उच्च शिक्षा और अधिक रोजगारपरक बनेगी।

मिश्र ने कहा कि नयी शिक्षा नीति में बहुविषयक शिक्षा में एसटीईएम के तहत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग व गणित का समावेष किया गया है। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि इसमें कृषि और कम्प्यूटर को स्थान देकर एसटीईएएम-सी (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कृषि, गणित, कंप्यूटर) के रूप में परिवर्तन करने से उच्च शिक्षा ओर रोजगारपरक बनेगी।

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राज्यपाल मिश्र सोमवार को यहां राजभवन से वीडियों कान्फ्रेन्स द्वारा उच्च शिक्षा के बदलाव में नयी शिक्षा नीति 2020 की भूमिका पर आयोजित राज्यपाल सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मिश्र ने कहा कि अगर राज्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन सफल तरीके से कर पाते हैं तो यह नयी शिक्षा प्रणाली भारत को विश्व के अग्रणी देशों के समकक्ष ले आयेगी तथा वर्तमान की चुनौतियों को अवसर में बदल कर भविष्य की आशंकाओं की पूर्ति करने में सक्षम हो सकेगी।

राज्यपाल ने कहा कि राजस्थान में सभी स्तरों पर नयी शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की दिशा में योजना बनाकर अतिशीघ्रता से केन्द्र के दिशानिर्देशों के अनुरूप काम शुरू कर दिया गया है व राजभवन स्तर पर इस दिशा में एक कार्यबल का गठन करके कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति में सहपाठ्यक्रम और पाठ्येतर गतिविधियों के साथ-साथ व्यावसायिक व गैर व्यावसायिक विषयों की अनुमति देने वाली लचीली पद्धति ‘ड्रापआउट’ (छात्रों द्वारा पढ़ायी बीच में छोड़ना) में कमी ला सकती है। उन्होंने कहा कि इस नीति की सबसे बड़ी ताकत इसकी बहु-अनुशासनात्मक और विद्यालय के स्तर पर छात्रों द्वारा अपनी पसन्द के आधार पर विषय चुन पाना है। उन्होंने कहा कि इससे प्रणाली के भीतर छात्रों के लिए कई प्रवेश बिन्दु और विकास बिन्दु खुल गये हैं जो इस नीति को स्वागत योग्य बनाते हैं।

सम्मेलन को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने भी संबोधित किया।

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