जरुरी जानकारी | कर्नाटक सरकार का शोध में सहयोग के लिए लिवरपूल यूनिवर्सिटी के साथ समझौता
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बेंगलुरु, सात फरवरी कर्नाटक सरकार ने शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए ब्रिटेन की लिवरपूल यूनिवर्सिटी के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत एक संयुक्त कार्य समूह स्थापित किया जाएगा।
कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि समझौता ज्ञापन राज्य और ब्रिटिश विश्वविद्यालय के बीच शोध एवं शैक्षणिक संबंधों को मजबूती देगा।
एमओयू पर हस्ताक्षर के लिए आयोजित कार्यक्रम में कर्नाटक सरकार का प्रतिनिधित्व भारी और मध्यम उद्योग मंत्री एम बी पाटिल, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव एस सेल्वाकुमार और औद्योगिक विकास आयुक्त गुंजन कृष्णा ने किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया भी मौजूद थे।
बयान के मुताबिक, यह साझेदारी वैश्विक स्तर पर कर्नाटक की शैक्षणिक और अनुसंधान साझेदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसमें कहा गया, ''इस सहयोग का उद्देश्य ज्ञान के आदान-प्रदान को आगे बढ़ाना, शैक्षणिक गतिशीलता को सुविधाजनक बनाना और संयुक्त अनुसंधान पहलों का समर्थन करना है। इससे संस्थानों और उद्योग हितधारकों, दोनों को लाभ होगा।''
इस समझौते को ब्रिटेन के उप-उच्चायोग में ब्रिटिश काउंसिल प्रकोष्ठ की निदेशक जनक पुष्पनाथन, मिशन उप प्रमुख जेम्स गोडबर और लिवरपूल यूनिवर्सिटी के कुलपति टिम जोन्स सहित प्रमुख व्यक्तियों की भागीदारी के साथ औपचारिक रूप दिया गया।
बयान के मुताबिक, ''यह समझौता ज्ञापन उन्नत अनुसंधान और विकास पहल, छात्र और संकाय विनिमय कार्यक्रमों और मजबूत उद्योग-अकादमिक संबंधों का रास्ता खोलेगा। यह उच्च शिक्षा और नवाचार में वैश्विक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कर्नाटक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे ज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में राज्य की स्थिति और मजबूत होगी।''
इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर्नाटक के वैश्विक निवेशक सम्मेलन 'इन्वेस्ट कर्नाटक 2025' से पहले हुए हैं। इस निवेश सम्मेलन का आयोजन 12-14 फरवरी, 2025 को किया जाएगा। इसका उद्घाटन समारोह 11 फरवरी, 2025 को होगा।
इसमें फ्रांस, जापान और इजरायल जैसे 19 देश साझेदार के तौर पर शामिल होंगे और नौ समर्पित मंडप भी बनाए जाएंगे।
बयान में कहा गया कि यह कार्यक्रम वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में कर्नाटक की स्थिति को मजबूत करेगा। इसके जरिये आर्थिक वृद्धि को तेज करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, वैमानिकी एवं रक्षा क्षेत्र में व्यापार और नवाचार के केंद्र के रूप में कर्नाटक की स्थिति को मजबूती देने की कोशिश की जाएगी।
इस कार्यक्रम में वैश्विक उद्योग जगत के कई दिग्गज शामिल होंगे। इनमें आनंद महिंद्रा, कुमार मंगलम बिड़ला, किरण मजूमदार-शॉ, मार्टिन लुंडस्टेड एवं जॉर्ज पापांड्रेयू शामिल हैं।
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