ताजा खबरें | शुक्रवार के दिन रास में भोजनावकाश के बाद बैठक का समय ढाई बजे से बदलकर दो बजे किया गया: धनखड़

नयी दिल्ली, आठ दिसंबर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि शुक्रवार के दिन सदन में भोजनावकाश के बाद बैठक का समय लोकसभा के कार्यक्रम के अनुरूप दोपहर ढाई बजे से बदलकर दोपहर दो बजे कर दिया गया है।

राज्यसभा में सुबह के सत्र में सूचीबद्ध दस्तावेज पेश किए जाने के बाद द्रमुक के तिरुचि शिवा ने दिन के कामकाज के कार्यक्रम संबंधी दस्तावेज में छपे समय में बदलाव की ओर इशारा किया और इसका कारण जानना चाहा।

उन्होंने कहा, ‘‘परंपरा यह है कि शुक्रवार को दोपहर का सत्र दोपहर 2.30 बजे शुरू होता है लेकिन आज कामकाज की संशोधित सूची में हमें यह दोपहर दो बजे के रूप में मिली है। जब इस तरह का निर्णय लिया गया तो सदस्यों को इसकी जानकारी नहीं थी। हम जानना चाहते हैं कि ऐसा बदलाव क्यों हुआ।’’

इस पर सभापति ने कहा कि उन्होंने पिछले सत्र के दौरान ही समय बदल दिया था क्योंकि लोकसभा में दोपहर का सत्र दोपहर दो बजे शुरू होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह आज से नहीं किया जा रहा है। यह मेरे द्वारा पहले ही किया जा चुका है और इसका कारण भी बताया गया था। लोकसभा दो बजे बैठती है। लोकसभा और राज्यसभा संसद के अभिन्न अंग हैं और इस नाते जहां तक संभव हो, एक ही समय का पालन करने की आवश्यकता है। इसलिए मेरे निर्देशानुसार इसे पहले ही दोपहर 2 बजे कर दिया गया था। इसलिए इसकी शुरुआत आज नहीं हुई है।’’

इस बीच, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के एक अन्य सदस्य एम एम अब्दुल्ला ने खड़े होकर कहा कि भोजनावकाश के बाद दोपहर ढाई बजे का समय रखा गया है ताकि मुस्लिम सदस्य शुक्रवार को नमाज अदा कर सकें।

उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए धनखड़ ने कहा, ‘‘लोकसभा और राज्यसभा दोनों में समाज के सभी वर्गों के सदस्य हैं। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे होती है। वहां भी हर वर्ग के सदस्य हैं। जान-बूझकर, उचित विचार-विमर्श के बाद, मैंने इसे लागू किया था और सदन को संकेत दिया था। यह पिछले सत्र में भी लागू था।’’

सभापति ने दोहराया कि शुक्रवार को राज्यसभा की बैठक भोजनावकाश के बाद दोपहर दो बजे शुरू होगी, जो लोकसभा के अनुरूप होगी।

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