देश की खबरें | आपत्तिजनक अंश हटाने के बाद फिल्म ‘हमारे बारह’ को उच्च न्यायालय ने प्रदर्शन की मंजूरी दी
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मुंबई, 19 जून बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को अभिनेता अन्नू कपूर अभिनीत फिल्म “हमारे बारह” को रिलीज करने की अनुमति दे दी। फिल्म निर्माता के कुछ आपत्तिजनक अंशों को हटाने पर सहमत होने के बाद अदालत ने यह अनुमति दी।
यह फिल्म पहले सात जून और फिर 14 जून को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसके 21 जून को रिलीज होने की संभावना है।
फिल्म के खिलाफ उच्च न्यायालय में कई याचिकाएं दायर कर दावा किया गया है कि इसमें कुरान की बातों को गलत तरीके से पेश किया गया है तथा यह इस्लामी आस्था और मुस्लिम समुदाय के प्रति अपमानजनक है।
याचिका में फिल्म के रिलीज पर रोक लगाए जाने की मांग की गयी थी।
न्यायमूर्ति बी.पी. कोलाबावाला और न्यायमूर्ति फिरदौस पूनीवाला की खंडपीठ ने फिल्म देखी और इसमें कुछ बदलाव करने का सुझाव दिया, जिस पर निर्माता और याचिकाकर्ता दोनों सहमत हो गए।
इसके अनुसार, अदालत ने कहा कि निर्माता आवश्यक बदलाव करेंगे और फिर फिल्म रिलीज करेंगे।
निर्माताओं ने बाद में कहा कि आवश्यक बदलाव किए जाएंगे और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाएगा, जिसे आमतौर पर सेंसर बोर्ड के रूप में जाना जाता है। निर्माता अब फिल्म को 21 जून को रिलीज करने की योजना बना रहे हैं।
उच्च न्यायालय ने सीबीएफसी से प्रमाणपत्र प्राप्त करने से पहले ही फिल्म का ट्रेलर जारी करने को लेकर निर्माताओं पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
इसी महीने पूर्व में अदालत ने फिल्म की रिलीज को स्थगित कर दिया था।
बाद में निर्माताओं द्वारा यह कहे जाने के बाद कि सीबीएफसी के निर्देशानुसार आपत्तिजनक अंशों को हटा दिया जाएगा, न्यायालय ने फिल्म के रिलीज की अनुमति दे दी।
याचिकाकर्ताओं ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था, जिसने पिछले सप्ताह फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी और उच्च न्यायालय को मामले की सुनवाई कर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि उसने फिल्म देखी और इसमें कुरान या मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कुछ भी आपत्तिजनक नहीं पाया। अदालत ने इसके साथ ही कहा कि फिल्म वास्तव में महिलाओं के उत्थान के उद्देश्य से बनाई गई है।
उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि भारतीय जनता ‘‘भोली या मूर्ख नहीं है’’।
बुधवार को संबंधित पक्षों ने अदालत में सहमति शर्तें प्रस्तुत कीं, जिसमें कहा गया कि वे फिल्म से कुछ आपत्तिजनक अंशों और संवादों को हटाने के संबंध में आम सहमति पर पहुंच गए हैं।
प्रशांत अविनाश
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