ताजा खबरें | मोदी सरकार आने के बाद विद्यार्थियों के नामांकन में 26.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई : प्रधान
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सत्ता में आने के बाद से स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के नामांकन में 26.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
नयी दिल्ली, 20 दिसंबर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सत्ता में आने के बाद से स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के नामांकन में 26.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों के पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि 2014-15 से 2021-22 के बीच लड़कियों के नामांकन में 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और अनुसूचित जाति (एससी) की लड़कियों के लिए यह आंकड़ा 50 प्रतिशत है।
उनके मुताबिक इस अवधि में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एसटी) विद्यार्थियों के लिए नामांकन वृद्धि दर क्रमशः 44 प्रतिशत और 65 प्रतिशत थी।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद आदिवासी छात्राओं के नामांकन में 80 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि भारत में 30 करोड़ विद्यार्थी हैं, जिनमें से 26 करोड़ कक्षा 1 से 12 में और चार करोड़ उच्च शिक्षा में हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लागू होने के बाद पिछले कुछ वर्षों में स्कूलों के साथ-साथ उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों के नामांकन में 25-26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘2014-15 की तुलना में 2021-22 में विद्यार्थियों में 26.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पुष्टि करता है कि छात्रों ने शिक्षा प्राप्त करने में रुचि दिखाई है।’’
उन्होंने कहा कि मुस्लिम लड़कियों में नामांकन में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति एक बड़ा कदम है जो देश को आगे ले जाने में मदद करेगा और 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने में मदद करेगा।
एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा, ‘‘हमें लगता है कि भारत की आत्मा उसकी ओं में है और मोदी सरकार ने मातृ में शिक्षा प्रदान करने के प्रयास किए हैं। सीबीएसई ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक परिपत्र जारी किया है कि शिक्षण और सीखने की सामग्री 22 अनुसूचित ओं में बनाई जानी चाहिए।’’
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