देश की खबरें | टिकैत के समर्थन जुटाने के बाद किसान आंदोलन फिर से लय में, मोदी ने कहा-प्रस्ताव अब भी कायम
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नये तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शनों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कृषक समुदाय से समर्थन मिलने के बाद शनिवार को यह आंदोलन एक बार फिर से ‘लय में आता हुआ’ नजर आया। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों को उनकी सरकार का प्रस्ताव अब भी बरकरार है और बातचीत में महज ‘एक फोन कॉल की दूरी’ है।
गाजियाबाद/नयी दिल्ली, 30 जनवरी नये तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शनों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कृषक समुदाय से समर्थन मिलने के बाद शनिवार को यह आंदोलन एक बार फिर से ‘लय में आता हुआ’ नजर आया। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों को उनकी सरकार का प्रस्ताव अब भी बरकरार है और बातचीत में महज ‘एक फोन कॉल की दूरी’ है।
किसान नेताओं ने शनिवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को ‘सदभावना दिवस’ के रूप में मनाया और उन्होंने दिल्ली-मेरठ राजमार्ग पर गाजीपुर सहित दिल्ली की सीमा पर स्थित विभिन्न प्रदर्शन स्थलों पर एक दिन का उपवास रखा।
यह स्थान आंदोलन का अब एक नया मुख्य केंद्र बन गया है, जहां अधिक संख्या में प्रदर्शनकारी उमड़ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस पर ‘ट्रैक्टर परेड’ के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों को स्थान खाली करने को कहा था, जिसके बाद भीड़ कुछ कम नजर आ रही थी।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं। हरियाणा और राजस्थान के जिलों के किसान भी यहां पहुंचे हैं।
आंदोलनकारी किसान संगठनों के नेताओं ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारी फिर पंजाब और हरियाणा से सिंघू तथा टीकरी बॉर्डर पर लौट रहे हैं।
प्रशसान हाई अलर्ट पर है। दिल्ली की सिंघू, गाजीपुर और टीकरी सीमाओं पर तथा इनसे लगे इलाकों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। हरियाणा के 17 जिलों में भी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं के निलंबन की अवधि बढ़ा कर रविवार शाम तक के लिए कर दी गई हैं।
दंगा रोधी पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों सहित सुरक्षाकर्मी पर्याप्त संख्या में तैनात किये गये हैं। कंक्रीट ब्लॉक सहित बहुस्तरीय अवरोध प्रदर्शन स्थलों पर लगाये गये हैं।
माला पहने किसान नेता उपवास के दौरान मंच पर बैठे। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई हिंसा को लेकर रोष के बाद उन्होंने शनिवार को सदभावना दिवस के तौर पर मनाने का आह्वान किया था।
आंदोलन के प्रति अपना समर्थन प्रकट करते हुए बीकेयू के नेता राकेश टिकैत के लिए ग्रामीण मिट्टी के घड़े में पानी और घर का बना भोजन लेकर गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे।
गाजीपुर में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) नेता राकेश टिकैत ने कहा कि वे दो महीने से अधिक समय से यह लड़ाई लड़ रहे हैं और वे अब पीछे नहीं हटेंगे। टिकैत की भावनात्मक अपील के बाद प्रदर्शन स्थल पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में लोग जुटना शुरू हो गये।
भाकियू के मेरठ क्षेत्र के अध्यक्ष पवन खटाना ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘आंदोलन मजबूत था और अब भी है।’’
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