सर्वेक्षण के मुताबिक, करीब दो-तिहाई अमेरिकी नागरिकों ने कहा कि उनका मानना है कि अमेरिका का सबसे बड़ा युद्ध लड़ने लायक नहीं था। वहीं 47 फीसदी लोगों ने अंतरराष्ट्रीय मामलों पर बाइडन के प्रबंधन को सही माना जबकि 52 फीसदी ने बाइडन की राष्ट्रीय सुरक्षा की नीति को सही ठहराया।
तालिबान के अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा करने और सत्ता में लौटने के बीच यह सर्वेक्षण 12 से 16 अगस्त तक कराया गया था। तालिबान के तेजी से बढ़ते प्रभुत्व को रोकने में सही तरीके से नहीं की गई तैयारी और मानवीय संकट को लेकर बाइडन को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रपति अफगानिस्तान से हटने के अपने निर्णय पर अड़े हुए हैं और कहा है कि वह युद्ध को अनिश्चित समय तक जारी नहीं रहने दे सकते और कहा कि अमेरिकी इससे सहमत होंगे।
कंसास के 62 वर्षीय मार्क सोहल ने कहा, ‘‘20 वर्ष बाद आप हार गए।’’
हालांकि कुछ लोगों ने युद्ध का विरोध किया लेकिन अफगानिस्तान की हालत को देखते हुए वहां से हटने को उचित नहीं समझते।
लुबौक, टेक्सास की 23 वर्षीय बाइडन समर्थक सेबेस्टियन गार्सिया ने कहा, ‘‘हमें शुरू से ही वहां नहीं होना चाहिए था।’’ उन्होंने कहा कि उनके तीन रिश्तेदार अफगानिस्तान में सेवा दे रहे हैं।
करीब दो तिहाई लोगों का मानना है कि अफगानिस्तान के साथ ही चलने वाला इराक युद्ध भी एक गलती थी।
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