नयी दिल्ली, 10 अप्रैल गृह मंत्रालय ने मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुए आतंकवादी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा के खिलाफ दिल्ली में मुकदमे के लिए अधिवक्ता नरेंद्र मान को विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) नियुक्त किया।
दिल्ली विश्वविद्यालय से वर्ष 1990 में विधि स्नातक मान ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का प्रतिनिधित्व किया है और वह कई महत्वपूर्ण मामलों में पेश हुए हैं।
वह जनवरी, 2011 से अप्रैल, 2019 के बीच दिल्ली उच्च न्यायालय में सीबीआई के लिए विशेष लोक अभियोजक थे।
सीबीआई के वकील के रूप में, मान ने आपराधिक अपील, रिट याचिकाएं, आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं, निरस्तीकरण याचिकाएं और विविध आपराधिक मामलों में पैरवी की थी।
मान ने मेडिकल काउंसिल घोटाला, एआईसीटीई घोटाला, सीडब्ल्यूजी मामले, सीजीएचएस सोसाइटी घोटाला और एफसीआरए, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बैंकिंग धोखाधड़ी के मामलों में सीबीआई का प्रतिनिधित्व किया था।
वह जैन डायरी हवाला मामला, बोफोर्स मामला और सहकारी समिति मामले में भी पेश हुए थे।
गृह मंत्रालय ने नौ अप्रैल को एक अधिसूचना जारी कर मान को विशेष अभियोजक नियुक्त किया था।
अमेरिका के उच्चतम न्यायालय द्वारा राणा (64) का आवेदन खारिज किए जाने के बाद प्रत्यर्पण से बचने का उसका आखिरी प्रयास विफल रहा और अब उसे भारत लाया गया।
वह पाकिस्तान में जन्मा कनाडाई नागरिक है और 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी है।
छब्बीस नवंबर, 2008 को 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों के एक समूह ने अरब सागर में समुद्री मार्ग का उपयोग करके भारत की वित्तीय राजधानी में घुसने के बाद सीएसएमटी, दो होटलों और एक यहूदी केंद्र पर हमला किया था। हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी।
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