देश की खबरें | उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश: तमिलनाडु, हिमाचल, उत्तराखंड, केरल ‘उपलब्धि प्राप्तकर्ता’ राज्य

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और केरल 2021-22 में उच्च शिक्षा संस्थानों में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले ‘उपलब्धि प्राप्तकर्ता’ राज्य के रूप में उभरे हैं। नीति आयोग ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 10 फरवरी तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और केरल 2021-22 में उच्च शिक्षा संस्थानों में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले ‘उपलब्धि प्राप्तकर्ता’ राज्य के रूप में उभरे हैं। नीति आयोग ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।

‘‘राज्यों और राज्य सरकार संचालित विश्वविद्यालयों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का विस्तार’’ नामक रिपोर्ट में कहा गया है कि छत्तीसगढ़, नगालैंड, झारखंड और बिहार, उच्च शिक्षा संस्थानों में जीईआर में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं तथा उन्हें ‘‘आकांक्षी’’ श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, केरल, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश जीईआर (2011-12 बनाम 2021-22) में दशकीय वृद्धि के संबंध में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य रहे।

नीति आयोग उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने यह रिपोर्ट जारी की जिसमें सिक्किम, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक को ‘‘अग्रणी’’ श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, छात्र-शिक्षक अनुपात (पीटीआर) तमिलनाडु, गोवा और कर्नाटक के विश्वविद्यालयों में सबसे कम रहा, जबकि झारखंड और बिहार के विश्वविद्यालयों में सबसे अधिक रहा।

इसमें यह भी कहा गया है कि पीटीआर (2011-12 बनाम 2021-22) में दशकीय सुधार के संबंध में अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों के रूप में उभरे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, बिहार उच्च शिक्षा पर जीएसडीपी(सकल राज्य घरेलू उत्पाद) का 1.56 प्रतिशत खर्च करता है, उसके बाद मणिपुर (1.56 प्रतिशत) और मेघालय (1.33 प्रतिशत) का स्थान आता है।

सबसे कम कॉलेज घनत्व वाले राज्य मणिपुर, बिहार और झारखंड हैं।

कॉलेज घनत्व किसी राज्य में एक लाख पात्र जनसंख्या (18-23 वर्ष की आयु) पर कॉलेजों की कुल संख्या है।

वर्ष 2022 में राष्ट्रीय औसत कॉलेज घनत्व 30 था।

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