कोलकाता, 16 मार्च पश्चिम बंगाल में सात चरणों में आम चुनाव कराने संबंधी निर्वाचन आयोग के फैसले का स्वागत करते हुए, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को इस कदम पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि शांतिपूर्ण चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक है।
चौधरी ने मतदाताओं के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए मतदान की तारीखों से काफी पहले केंद्रीय बलों को तैनात करने के महत्व पर भी जोर दिया।
उन्होंने सागरदिघी में मार्च 2023 के उपचुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की शीघ्र तैनाती की सफलता का हवाला दिया और कहा कि इससे निष्पक्ष मतदान कराने में मदद मिली थी और मतदाता बिना किसी भय के मतदान कर पाये थे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने पिछले साल के उपचुनाव के दौरान सागरदिघी में केंद्रीय बलों की शीघ्र तैनाती के अच्छे परिणाम देखे हैं। इससे मतदाता मतदान में भाग लेने का साहस जुटा पाये थे और इसके परिणामस्वरूप तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार हुई थी।’’
चौधरी ने कहा, ‘‘मैंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) से यह भी कहा था कि चुनाव से कुछ दिन पहले केंद्रीय बलों को तैनात करने से आम आदमी को सुरक्षा का एहसास नहीं होगा। मैं सीईसी से अनुरोध करूंगा कि मतदान की तारीख से बहुत पहले केंद्रीय बलों को तैनात किया जाए ताकि लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा हो सके।’’
सीईसी के साथ चर्चा के दौरान, चौधरी और उनकी पार्टी के सहयोगियों ने शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कई चरणों में मतदान कराने की वकालत की थी।
पश्चिम बंगाल में आम चुनाव 19 अप्रैल से सात चरणों में होंगे, सातवां एवं अंतिम चरण एक जून को होगा। मतगणना चार जून को होगी।
पश्चिम बंगाल में 2019 के लोकसभा चुनाव में, टीएमसी ने 22 सीट पर जीत दर्ज की थी जबकि कांग्रेस और भाजपा ने क्रमशः दो और 18 सीट जीती थी।
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