देश की खबरें | मेट्रो डेयरी शेयर बिक्री मामले की जांच के लिए अधीर रंजन चौधरी की याचिका खारिज

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कोलकाता, 13 जून कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की वह याचिका सोमवार को खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा मेट्रो डेयरी लिमिटेड में अपने 47 प्रतिशत शेयरों की बिक्री की जांच कराने का अनुरोध किया था।

मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति आर. भारद्वाज की खंडपीठ ने जनहित याचिका खारिज करते हुए कहा कि शेयरों की बिक्री न तो गैरकानूनी है और न ही मनमानी है।

पीठ ने कहा कि राज्य ने केवेंटर एग्रो को शेयर बेचने के लिए कोई अपारदर्शी कदम नहीं अपनाया, इसलिए याचिका में हस्तक्षेप का कोई मामला नहीं बनता है।

चौधरी ने अपनी जनहित याचिका में आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया का पालन किए और बिना किसी उचित कारण के, मेट्रो डेयरी में अपने शेयर बहुत कम दाम पर बेच दिए।

उन्होंने इस बिक्री की जांच के लिए उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति नियुक्त किए जाने की अपील की थी।

राज्य सरकार ने 85.43 करोड़ रुपये के आधार मूल्य के लिए मई 2017 में मेट्रो डेयरी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की पेशकश की थी और केवेंटर एग्रो ने इसे खरीदने के लिए 85.5 करोड़ रुपये की पेशकश की।

पश्चिम बंगाल सरकार की मेट्रो डेयरी में 47 प्रतिशत हिस्सेदारी थी जबकि केवेंटर एग्रो की 43 प्रतिशत हिस्सेदारी थी और शेष 10 प्रतिशत हिस्सेदारी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के पास थी।

अदालत को सूचना दी गयी कि एनडीडीबी ने आईसीआईसीआई बैंक को अपनी हिस्सेदारी बेच दी, जिसे फिर केवेंटर ने खरीद लिया। राज्य सरकार की हिस्सेदारी खरीदने के बाद केवेंटर की मेट्रो डेयरी में 100 फीसदी हिस्सेदारी हो गयी है।

चौधरी के वकील ने दलील दी कि मेट्रो डेयरी के 47 प्रतिशत शेयर केवेंटर एग्रो को 85.5 करोड़ रुपये में बेचे गए, जिसके बाद कंपनी ने मंडला स्वेड एसपीवी को 170 करोड़ रुपये में 15 प्रतिशत शेयर बेचे।

अदालत ने माना कि मेट्रो डेयरी में विनिवेश का राज्य का निर्णय अनिवार्य रूप से आर्थिक और अन्य विचारों पर आधारित एक नीतिगत निर्णय है। अदालत ने कहा, ‘‘ऐसे नीतिगत निर्णय में तब तक हस्तक्षेप नहीं किा जा सकता जब तक कि वह असंवैधानिक न हो, वैधानिक प्रावधान का उल्लंघन न हो, पूरी तरह से मनमाना हो या द्वेष से ग्रस्त हो।’’

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