देश की खबरें | कृषि भूमि में जस्ता मिलाने से बच्चों में बौनेपन को रोकने में मदद मिल सकती है: शोध

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत में दीर्घकालिक कुपोषण के कारण बचपन में होने वाले बौनेपन को रोकने में कृषि भूमि में जस्ता (जिंक) मिलाने से मदद मिल सकती है। एक शोध में यह बात सामने आई है।

नयी दिल्ली, 31 अगस्त भारत में दीर्घकालिक कुपोषण के कारण बचपन में होने वाले बौनेपन को रोकने में कृषि भूमि में जस्ता (जिंक) मिलाने से मदद मिल सकती है। एक शोध में यह बात सामने आई है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि दीर्घकालिक कुपोषण के कारण मस्तिष्क विकास में बाधा और लंबे समय तक चलने वाले हानिकारक परिणाम सामने आते हैं, जैसे पढ़ाई में कमजोर होना और बीमारियों का खतरा बढ़ना।

हाल ही में ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ पत्रिका में प्रकाशित शोध, भारत में बच्चों की पोषण स्थिति या स्वास्थ्य परिणामों और मिट्टी में खनिज की उपलब्धता के बीच संबंध की पड़ताल करने वाला पहला व्यापक शोध है। भारत में पांच साल से कम उम्र के एक तिहाई से अधिक बच्चे बौनेपन से पीड़ित हैं।

शोधकर्ताओं ने राष्ट्रव्यापी मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किए गए दो करोड़ 70 लाख से अधिक मृदा परीक्षणों और पूरे भारत में लगभग तीन लाख बच्चों तथा दस लाख महिलाओं के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण किया।

उन्होंने पाया कि मिट्टी में जिंक की मौजूदगी बच्चों के अवरुद्ध विकास को रोकने में मदद करती है, और मिट्टी में मौजूद आयरन ‘हीमोग्लोबिन’ को स्वस्थ स्तर पर रखने में मदद करता है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि भूमि में खनिजों की मौजूदगी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकती है।

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