नयी दिल्ली, 21 सितम्बर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां ‘निरंतर प्रक्रिया’ का परिणाम है और इसमें न किसी एक व्यक्ति का योगदान है, न भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का।
टीएमसी के नेता प्रोफेसर सौगत राय ने ‘‘चंद्रयान-3 की सफलता और अंतरिक्ष क्षेत्र में हमारे राष्ट्र की अन्य उपलब्धियां’’ विषय पर निचले सदन में चर्चा के दौरान कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की सफलता के लिए प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का दृष्टिकोण तथा विक्रम साराभाई, सतीश धवन, यू. आर. राव जैसे वैज्ञानिकों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र की ये उपलब्धियां ‘निरंतर प्रक्रिया’ का परिणाम है।’’ उन्होंने कहा कि वह (अंतरिक्ष क्षेत्र की सफलता के लिए) नेहरू को और इंदिरा को प्रणाम करते हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं विक्रम साराभाई, सतीश धवन, यू. आर. राव जैसे वैज्ञानिकों को भी प्रणाम करता हूं। इन लोगों ने मिलकर अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। इसमें भाजपा का कोई योगदान नहीं है, बल्कि वैज्ञानिकों का योगदान है।’’
उन्होंने कहा कि यह सफलता कई दशकों से जारी वैज्ञानिकों का प्रयास है।
राय ने कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में अब भी भारत की रैंक छह है और पड़ोसी चीन बहुत आगे निकल गया है। उन्होंने कहा कि 1969 में नील आर्मस्ट्रांग ने चांद पर कदम रख दिया था, लेकिन भारत अभी केवल लैंडर भेज पाया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम (इस दृष्टि से) 54 साल पीछे हैं।’’
उन्होंने कहा कि 1975 से लेकर अब तक भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 125 मिशन को अंजाम दिया है और संसाधन दक्षता और किफायती परियोजनाओं के मामले में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा को भी पीछे छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हम देश को आगे बढाएंगे। विज्ञान टेक्नोलॉजी को विकसित करेंगे।’’
उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में तार्किकता का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘कोई यह कहता है कि प्राचीन काल में गणेश की प्लास्टिक सर्जरी हुई थी, तो मैं नहीं मानता, कोई यह कहे कि कौरवों का जन्म आईवीएफ के माध्यम से हुआ था, तो मैं नहीं मानता, कोई यह कहे कि रामायण में वर्णित पुष्पक रथ (विमान) प्राचीन काल में भारतीय की खोज है तो मैं नहीं मानता।’’
वाईएसआर कांग्रेस के श्रीकृष्ण देवरायालू लावू ने विज्ञान के क्षेत्र में बजटीय आवंटन बढ़ाने की मांग की।
शिवसेना के प्रताप राव जाधव ने भारतीय नेवीगेशन प्रणाली में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि करगिल युद्ध में अमेरिका द्वारा नेवीगेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं कराये जाने के बाद वाजपेयी ने खुद की नेवीगेशन प्रणाली विकसित करने की ठान ली थी।
जाधव ने नरेन्द्र मोदी-नीत सरकार में परियोजनाओं के क्रियान्वन में तेजी आने का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में लंबी छलांग गयी है और दुनिया ने खुले दिल से इसका स्वागत किया है।
जनता दल (यूनाइटेड) के दिलेश्वर कामैत ने कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता से अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और बच्चों में विज्ञान के क्षेत्र में पढ़ाई के प्रति जागरूकता पैदा होगी।
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