गांधीनगर, तीन दिसंबर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को यहां कहा कि भारत में हर साल पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती है, जिनका एक कारण अक्सर दोषपूर्ण सड़क इंजीनियरिंग होती है।
गडकरी ने इंजीनियरों से जीवन बचाने के लिए दुर्घटना संभावित सड़कों की इंजीनियरिंग के दोष दूर करने का आग्रह किया।
भारतीय सड़क कांग्रेस के 82वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए गडकरी ने गुणवत्ता से समझौता किए बिना वैकल्पिक सामग्री और नवीनतम तकनीक का उपयोग करके निर्माण लागत कम करने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “भारत में सालाना पांच लाख दुर्घटनाएं और डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है जबकि तीन लाख लोग घायल होते हैं। इससे देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को तीन प्रतिशत का नुकसान होता है । बलि के बकरे की तरह, हर दुर्घटना के लिए वाहन चालक को दोषी ठहरा दिया जाता है। मैं आपको बता दूं कि अक्सर दुर्घटनाएं सड़क की गलत इंजीनियरिंग की वजह से होती हैं।”
उन्होंने कहा कि सड़कों का निर्माण करते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उनकी ठीक से इंजीनियरिंग की जाए।
गडकरी ने कहा, “मैं भी एक दुर्घटना का शिकार हो गया था और मेरी चार हड्डियां टूट गई थीं। कई लोग मर रहे हैं। दुर्घटना में होने वाली मौतों में 60 प्रतिशत मौतें 18 से 34 वर्ष की आयु के लोगों की होती हैं और उनमें से कई इंजीनियर और डॉक्टर हो सकते हैं। क्या यह देश के लिए अच्छा है ? क्या आप इंजीनियर के तौर पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दुर्घटना के कारणों को दूर कर सकते हैं? मैं आपसे दोषपूर्ण इंजीनियरिंग के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए काम करने का अनुरोध करता हूं।”
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