देश की खबरें | जांच को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहा है अबूबकर: एनआईए ने अदालत से कहा

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नयी दिल्ली, 12 जनवरी राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का अध्यक्ष ई. अबूबकर अपनी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में निचली अदालत और उच्च न्यायालय में एकसाथ याचिका दायर करके जांच को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहा है।

अबूबकर आतंकवाद रोधी कानूनों के तहत यहां एक जेल में बंद है।

एनआईए ने अदालत को यह भी बताया कि चिकित्सा के आधार पर जेल से रिहाई की मांग करने वाले अबूबकर के खिलाफ जांच लंबित है और उसे सर्वोत्तम चिकित्सा उपचार मिल रहा है।

एनआईए ने यह बात न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ के समक्ष कही। पीठ अबूबकर की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जो एक निचली अदालत के एक आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई है। उक्त निचली अदालत ने अबूबकर को चिकित्सकीय आधार पर रिहा करने से इनकार कर दिया था।

अबूबकर को एनआईए ने पिछले साल प्रतिबंधित संगठन पीएफए के खिलाफ कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया था और वह इस समय न्यायिक हिरासत में है।

जांच एजेंसी के वकील ने अदालत को बताया, ‘‘जांच लंबित है। जांच पूरी करने के लिए 60 दिनों का समय बढ़ाया गया था, लेकिन वे केवल जांच की प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं। वे चाहते यह हैं कि ‘‘हमें कुछ मेडिकल दिक्कत है और हमें केरल जाने की अनुमति दी जाए लेकिन यह जांच को पटरी से उतारने के लिए है।’’

अबूबकर का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता अदित पुजारी ने कहा कि उन्हें स्वास्थ्य और सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि उनके 70 वर्षीय मुवक्किल कई बीमारियों के कारण शौच के बाद खुद को साफ करने में भी सक्षम नहीं हैं।

अदालत ने कहा कि मामले में जांच चल रही है और अबूबकर पिछले तीन महीनों से ही हिरासत में है, जो एजेंसी के लिए जांच पूरी करने और आरोपपत्र दायर करने की अवधि है।

अदालत ने अबूबकर के वकील को एक सप्ताह के भीतर अपने मुवक्किल की मेडिकल स्थिति पर एक अतिरिक्त हलफनामा दर्ज करने के लिए समय दिया और मामले की अगली सुनवायी एक फरवरी को करना तय किया।

अदालत ने पहले कहा था कि अबूबकर के खिलाफ सख्त गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो मामूली अपराधों से संबंधित नहीं है।

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