जरुरी जानकारी | अडाणी समूह के हरित पोर्टफोलियो में अबू धाबी की आईएचसी दो अरब डॉलर का निवेश करेगी
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नयी दिल्ली, आठ अप्रैल अबू धाबी स्थित समूह इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) तरजीही शेयर आवंटन के जरिये अडाणी समूह की तीन हरित कंपनियों में दो अरब डॉलर का निवेश करेगा।
उद्योगपति गौतम अडाणी के नेतृत्व वाले समूह ने एक बयान में कहा, ‘‘आईएचसी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) में 3,850 करोड़ रुपये, अडाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड (एटीएल) में 3,850 करोड़ रुपये और अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) में 7,700 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।’’
हालांकि, समूह ने यह नहीं बताया कि आईएचसी तीन फर्मों में कितनी हिस्सेदारी लेगी।
एजीईएल, एटीएल और एईएल के बोर्ड ने शुक्रवार को बैठक की और लेनदेन को मंजूरी दी।
इस निवेश के लिए शेयरधारकों और नियामकों से मंजूरियां ली जानी हैं।
समूह ने कहा, ‘‘आईएचसी और अडाणी पोर्टफोलियो भारत, पश्चिम एशिया और अफ्रीका में कई रणनीतिक अवसरों में व्यापार साझेदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
एजीईएल के कार्यकारी निदेशक सागर अडाणी ने कहा, ‘‘हम टिकाऊ बुनियादी ढांचे, हरित ऊर्जा और ऊर्जा बदलाव में निवेश के साझा दृष्टिकोण और मूल्यों के लिए गहराई से प्रतिबद्ध हैं। यह एक ऐतिहासिक लेनदेन है और अडाणी समूह तथा आईएचसी के बीच व्यापक संबंधों की शुरुआत का प्रतीक है।’’
बयान के मुताबिक, अडाणी की तीन कंपनियां - एजीईएल, एटीएल और एईएल - अपने व्यापारिक क्षेत्रों में अग्रणी हैं और अडाणी समूह के हरित पोर्टफोलियो का विस्तार करती हैं।
आईएचसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक सैयद बसर शुएब ने कहा, ‘‘यह भारत में एक दीर्घकालिक निवेश होगा, क्योंकि देश हरित ऊर्जा सहित विश्व स्तर पर अत्यधिक नवाचार कर रहा है। हरित निवेश पर एक आकर्षक प्रतिफल हासिल करने का अवसर कभी भी इतना अधिक नहीं रहा। हमें विश्वास है कि अडाणी समूह की कंपनियां भारत की कुल हरित ऊर्जा क्षमता तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।’’
सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद यह सौदा एक महीने में पूरा होने की उम्मीद है। इस निवेश के जरिये आई पूंजी का उपयोग संबंधित व्यवसायों की वृद्धि, बहीखातों को अधिक मजबूत बनाने और सामान्य कंपनी कामकाज के लिए किया जाएगा।
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