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जरुरी जानकारी | भारत की बिजली उत्पादन क्षमता का लगभग आधा हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित

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जरुरी जानकारी | भारत की बिजली उत्पादन क्षमता का लगभग आधा हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित

नयी दिल्ली, 22 जून जून तक भारत की कुल 476 गीगावाट की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का लगभग आधा हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित है, लेकिन कोयला आधारित तापीय बिजली इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

रविवार को ऊर्जा और पर्यावरण पर जारी एक सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार, जून, 2025 तक भारत की कुल स्थापित बिजली क्षमता 476 गीगावाट तक पहुंच गई है।

इसमें कहा गया है कि गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोत अब कुल क्षमता में 235.7 गीगावाट (49 प्रतिशत) का योगदान देते हैं, जिसमें 226.9 गीगावाट नवीकरणीय और 8.8 गीगावाट परमाणु ऊर्जा शामिल है।

जून, 2025 तक भारत की नवीकरणीय ऊर्जा में 110.9 गीगावाट सौर और 51.3 गीगावाट पवन ऊर्जा स्थापित क्षमता शामिल है।

स्थापित क्षमता के अलावा, 176.70 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं क्रियान्वयन के तहत हैं, जिनमें से 72.06 गीगावाट बोली के चरणों में हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि तापीय ऊर्जा अब भी प्रमुख भूमिका निभा रही है। यह 240 गीगावाट या स्थापित क्षमता का 50.52 प्रतिशत है।

रिपोर्ट कहती है कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र गैर-नवीकरणीय तापीय स्रोतों पर बहुत अधिक निर्भर है, जो देश की बिजली उत्पादन क्षमता का सबसे बड़ा हिस्सा हैं।

इनमें से, कोयला अकेले कुल तापीय ऊर्जा में 91 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है, जो देश को बिजली देने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

देश बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने और स्थिरता को बढ़ावा देने के दोहरे लक्ष्यों को सफलतापूर्वक संतुलित कर रहा है।

बिजली की कमी 2013-14 के 4.2 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 0.1 प्रतिशत रह गई है। भारत में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 2013-14 के 957 किलोवाट घंटा से 45.8 प्रतिशत बढ़कर 2023-24 में 1,395 किलोवाट घंटा हो गई।

भारत का बिजली क्षेत्र दुनिया में सबसे अधिक विविधतापूर्ण है। इसमें कोयला, गैस, हाइड्रो और परमाणु जैसे पारंपरिक स्रोतों के साथ-साथ सौर, पवन, बायोमास और छोटे हाइड्रो जैसे नवीकरणीय स्रोतों से बिजली उत्पादन होता है।

बिजली की बढ़ती मांग के साथ, भारत ने आर्थिक वृद्धि और पर्यावरण अनुकूल लक्ष्यों का समर्थन करने के लिए अपनी ऊर्जा क्षमता का विस्तार करना जारी रखा है।

भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 22, 2025 01:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).