देश की खबरें | आप ने निदेशक संजय मिश्रा के कार्यकाल के दौरान ईडी के कार्यों की जांच की मांग की
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नयी दिल्ली, 11 जुलाई उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक संजय कुमार मिश्रा को दिए गए तीसरे सेवा विस्तार को अवैध ठहराए जाने के बाद आप ने मंगलवार को केंद्र पर निशाना साधते हुए उनके (मिश्रा के) कार्यकाल के दौरान किए गए “कार्यों” की जांच की मांग की।
आम आदमी पार्टी (आप) की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने ट्विटर पर आरोप लगाया कि शीर्ष अदालत के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया कि राज्यों में गैर-भाजपा सरकारों को गिराने के लिए जांच एजेंसी का इस्तेमाल करने के लिए मिश्रा को शीर्ष पर रखा गया था।
कक्कड़ ने हिंदी में किये गए ट्वीट में कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि एक अवैध आदमी को बैठा कर मोदी जी अवैध तरीके से देश भर में राज्य की सरकारों को गिरा रहे थे। विधायकों को तोड़ रहे थे।”
उन्होंने मांग की कि, “मिश्रा के कार्यकाल में हुए कारनामों की जांच होनी चाहिये।”
उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रमुख संजय कुमार मिश्रा के तीसरे सेवा विस्तार को मंगलवार को अवैध करार दिया तथा उनका विस्तारित कार्यकाल घटाकर 31 जुलाई तक कर दिया।
न्यायमूर्ति बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संजय करोल की पीठ ने कहा कि इस साल वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) द्वारा की जा रही समीक्षा के मद्देनजर और सुचारु परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए मिश्रा का कार्यकाल 31 जुलाई तक रहेगा।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 1984-बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी का कार्यकाल 18 नवंबर, 2023 तक निर्धारित था।
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