देश की खबरें | दिल्ली आबकारी नीति मामले में संजय सिंह का नाम आने पर ‘आप’ और भाजपा के बीच वार-पलटवार

नयी दिल्ली, तीन मई आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को आरोप लगाया कि दिल्ली आबकारी नीति से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोप पत्र में पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह के नाम का उल्लेख किया जाना मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के नेताओं को बदनाम करने का “सोचा-समझा प्रयास” है। जबकि भाजपा ने पटलवार करते हुए कहा कि ‘आप’ अरविंद केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए इस मामले पर हंगामा खड़ा कर रही है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर आरोप पत्र में सिंह के नाम का उल्लेख एजेंसी की ओर से एक ''वास्तविक लिपिकीय त्रुटि'' है और एजेंसी आरोप पत्र अदालत के संज्ञान में आने के तुरंत बाद इसे सही करने के लिए आवेदन दायर कर चुकी है।

पूनावाला ने कहा कि ईडी 20 अप्रैल को आरोप पत्र में सुधार के लिए ''उपयुक्त न्यायिक मंच'' के समक्ष आवेदन दायर चुकी थी, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद सिंह ने 22 अप्रैल को केंद्रीय एजेंसी को कानूनी नोटिस भेजा।

उन्होंने कहा कि यह वास्तव में एक लिपिकीय त्रुटि थी और एजेंसी ने इसमें सुधार के लिए तुरंत कदम उठाए।

पूनावाला ने कहा कि आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए इस मामले पर हंगामा खड़ा कर रही है।

इससे पहले ‘आप’ ने कहा कि संजय सिंह ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखा है और उनसे आबकारी नीति मामले में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में प्रवर्तन विभाग (ईडी) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा और सहायक निदेशक जोगेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दायर करने की मंजूरी मांगी है।

ईडी के सूत्रों ने कहा कि आरोप पत्र में ‘आप’ नेता का चार बार नाम आया है, जिसमें से एक संदर्भ गलत है और अनजाने में टाइप हो गया था।

उन्होंने कहा कि एजेंसी ने अभियोजन पक्ष की शिकायत (आरोप पत्र) में विसंगति को दूर करने के लिए अदालत में एक याचिका दायर की है।

दिल्ली के कैबिनेट मंत्री तथा ‘आप’ के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी “उत्पीड़न का पर्याय, भय, अत्याचार, धमकी और किसी को बदनाम करने का पर्याय” बन गई हैं।

उन्होंने कहा, “आप सांसद संजय सिंह ने कहा है कि वह ईडी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे क्योंकि उन्होंने आरोप पत्र में उनका नाम शामिल किया और बाद में मीडिया को बताया कि संजय सिंह भी इस मनगढ़ंत घोटाले में शामिल थे।”

भारद्वाज ने कहा कि ईडी विपक्षी दलों से डरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि ईडी ने “संजय सिंह से माफी” मांगी है।

भारद्वाज ने कहा, “ऐसा पहली बार हुआ जब ईडी के निदेशक को किसी से माफी मांगनी पड़ी। एक तरह से केंद्र सरकार को संजय सिंह और ‘आप’ से माफी मांगनी पड़ी है।”

उन्होंने पूछा कि यह “गलती” कैसे हुई।

भारद्वाज ने कहा, “उन्होंने कहा कि गलती से नाम का उल्लेख हो गया। ऐसा कैसे हो सकता है? भाजपा के किसी सांसद का नाम तो गलती से नहीं आया। प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे पर यह डाला गया। पूरा कथित घोटाला फर्जी है और पूरा मामला झूठा है।”

इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मामले पर ट्वीट किया, "क्या किसी का नाम आरोपपत्र में गलती से भी डाला जाता है? इस से साफ है कि पूरा केस फर्जी है। केवल गंदी राजनीति के तहत देश की सबसे ईमानदार पार्टी को बदनाम करने और सबसे तेजी से बढ़ने वाली पार्टी को रोकने के लिए प्रधानमंत्री जी ऐसा कर रहे हैं। उन्हें ये शोभा नहीं देता।''

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