देश की खबरें | ‘आप’ और केजरीवाल को दिल्ली की जनता ने दंडित किया: जदयू नेता ललन सिंह

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पटना, आठ फरवरी केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन ने शनिवार को कहा कि अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (आप) को दिल्ली की जनता 11 वर्ष के कुशासन की सजा दे रही है।

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पूर्व अध्यक्ष ने केजरीवाल पर बिहार के प्रवासियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।

ललन ने संवाददाताओं से कहा, "भाजपा नीत एनडीए के लिए प्रचार करते समय हमें पता चल गया था कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में क्या होने वाला है। लोग आप की बड़ी-बड़ी बातें करने और केंद्र के साथ झगड़ा करने की प्रवृत्ति से तंग आ चुके थे।" जदयू नेता ने आरोप लगाया, “लोगों को पीने के पानी जैसी बुनियादी चीज भी उपलब्ध नहीं थी और केजरीवाल के पास केवल दावे के अलावा और कोई चारा नहीं था।”

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ‘पूर्वांचल’ के प्रवासियों का अपमान किया।

ललन ने दावा किया कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान ‘आप’ सरकार ने प्रवासियों को भागने पर मजबूर कर दिया और जब वे अपने गृह राज्य वापस आए, तो नीतीश सरकार ने संसाधनों की कमी का रोना नहीं रोया बल्कि उन्हें सभी आवश्यक सहायता प्रदान की।

ललन ने कहा कि केजरीवाल ने यह टिप्पणी की थी कि बिहार के लोग ट्रेनों से दिल्ली पहुंचते हैं और वहां उपलब्ध मुफ्त चिकित्सा उपचार का लाभ उठाकर वापस लौट जाते हैं।

जदयू नेता ने कहा कि केजरीवाल ने ऐसे बात की जैसे दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी नहीं बल्कि उनकी जागीर हो।

ललन ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार विरोधी मुद्दे पर सत्ता में आने के बावजूद, केजरीवाल और उनकी पार्टी ने ‘पैसा कमाया, माल बनाया और केवल बातें बनाई’।

ललन ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पर निशाना साधते हुए कहा, “वह (लालू यादव) मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं कि उनके बेटे तेजस्वी यादव बिहार के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं।”

बिहार में इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

उन्होंने कुछ दिन पहले राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को ज्ञापन सौंपने के लिए भी तेजस्वी यादव की आलोचना की।

ज्ञापन में प्रदेश में कानून-व्यवस्था के कथित तौर पर ध्वस्त हो जाने का आरोप लगाया गया था।

राज्य सरकार में पूर्व मंत्री ने दावा किया, “यादव को उन दिनों को याद करना चाहिए जब उनके पिता और मां (राबड़ी देवी) बिहार पर शासन करते थे। लोग सूर्यास्त के बाद अपने घरों से बाहर निकलने से डरते थे। अब आप बिहार के सभी हिस्सों में हर समय स्वतंत्र रूप से घूम सकते हैं।”

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