देश की खबरें | त्रिपुरा विश्वविद्यालय में 'बायोमेट्रिक' के जरिये उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था शुरू की जाएगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. त्रिपुरा विश्वविद्यालय ने संस्थान में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चरणबद्ध तरीके से अधिकारियों, शिक्षण कर्मचारियों (कुछ प्रोफेसरों को छोड़कर) और संविदा कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक के जरिये उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अगरतला, 22 जुलाई त्रिपुरा विश्वविद्यालय ने संस्थान में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चरणबद्ध तरीके से अधिकारियों, शिक्षण कर्मचारियों (कुछ प्रोफेसरों को छोड़कर) और संविदा कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक के जरिये उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
इससे पहले बायोमैट्रिक के जरिये उपस्थिति दर्ज कराने की यह व्यवस्था केवल केंद्रीय विश्वविद्यालय के ग्रुप बी और सी के कर्मचारियों के लिए लागू थी।
उप-कुलसचिव मुनेन्द्र मिश्रा ने एक अधिसूचना में कहा, "यह सूचित किया जाता है कि त्रिपुरा विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने एक जून, 2025 को आयोजित अपनी 45वीं बैठक में सभी सहायक प्रोफेसरों, सभी एसोसिएट प्रोफेसरों, ग्रुप ए के अधिकारियों, सभी संविदा शिक्षकों, संकाय, अतिथि संकाय सदस्यों और अन्य संविदा कर्मचारियों की बायोमेट्रिक के जरिये उपस्थिति शुरू करने का निर्णय लिया है।"
ग्रुप ए के अधिकारियों में कुलसचिव, उप-कुलसचिव, सहायक कुलसचिव और 'लाइब्रेरियन' शामिल हैं।
बायोमेट्रिक के जरिये उपस्थिति की प्रणाली 31 जुलाई से चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
अधिसूचना में कहा गया है, "सभी एसोसिएट प्रोफेसरों और वैधानिक पदों के अधिकारियों को 31 अक्टूबर से बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा, जबकि प्रोफेसरों को बाद में इसमें शामिल किया जाएगा।"
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