जरुरी जानकारी | कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्रों से विद्युत खरीदने को विशेष इकाई गठित हो: संसदीय समिति
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. संसद की एक समिति ने कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्रों से विद्युत खरीदने के लिए विशेष उद्देश्यीय इकाई (एसपीवी) बनाने का सुझाव दिया है। इस इकाई में सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी और निजी कंपनियों को शामिल करने की बात कही गयी है।
नयी दिल्ली, 19 दिसंबर संसद की एक समिति ने कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्रों से विद्युत खरीदने के लिए विशेष उद्देश्यीय इकाई (एसपीवी) बनाने का सुझाव दिया है। इस इकाई में सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी और निजी कंपनियों को शामिल करने की बात कही गयी है।
ऊर्जा पर संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अपशिष्ट-से-बिजली बनाने वाले संयंत्रों को राज्य बिजली विभागों/वितरण कंपनियों के साथ बिजली खरीद समझौता (पीपीए) करने में काफी देरी होती है। इसका कारण शुल्क दर है जो आमतौर पर लगभग आठ रुपये प्रति यूनिट (किलोवाट घंटा) है। यह सौर समेत अन्य नवीकरणीय ऊर्जा की तुलना में अधिक है।
संसद में मंगलवार को पेश रिपोर्ट के अनुसार, समिति का विचार है कि इस उद्देश्य के लिए एक विशेष इकाई बनायी जा सकती है। यह इकाई बिजली की खरीद कर सकती है।
इसमें सुझाव दिया गया है कि इस व्यवस्था में सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी), भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (इरेडा) जैसे सार्वजनिक उपक्रमों समेत निजी कंपनियां भागीदार हो सकती हैं।
विशेष उद्देश्यीय इकाई संयंत्र से बिजली खरीदने के बाद, इस बिजली को इच्छुक संस्थाओं को बेच सकती है और इसे बिजली बाजारों में कारोबार के लिए सूचीबद्ध भी कर सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह की व्यवस्था कचरे से उत्पन्न होने वाली बिजली की खरीद की गारंटी सुनिश्चित करेगी और संबद्ध पक्षों के बीच अधिक भरोसा पैदा करेगी।
साथ ही इससे बाजार से सस्ती पूंजी आकर्षित करने के लिए उपयुक्त परिवेश बनेगा। इसके अलावा, अधिक कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश के लिए प्रोत्साहित होंगी। इससे अंततः कचरे से बिजली उत्पादन की लागत में कमी आने की उम्मीद है।
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