देश की खबरें | सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर मैसुरु में पुलिस थाने के पास भीड़ ने मचाया उत्पात

मैसुरु, 11 फरवरी कर्नाटक के मैसुरु में एक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट से नाराज लोगों की भीड़ यहां एक पुलिस थाने के पास एकत्र हुई और आरोपी को भीड़ के हवाले करने की मांग करते हुए कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मैसुरु के उदयगिरी पुलिस थाने के बाहर सोमवार देर रात तनाव व्याप्त हो गया।

पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर भड़काऊ धार्मिक सामग्री पोस्ट करने के आरोपी व्यक्ति को उदयगिरी पुलिस थाने के हवालात में रखा गया था। पुलिस के अनुसार लोगों की भीड़ पुलिस थाने के पास एकत्र हो गई और मांग करने लगी कि आरोपी को उन्हें सौंप दिया जाए।

पुलिस के अनुसार, पुलिस द्वारा ऐसा करने से मना करने पर स्थिति हिंसक हो गई और उपद्रवियों ने आरोपी को अपने कब्जे में लेने के लिए थाने में घुसने की कोशिश भी की। पुलिस के अनुसार भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़ने तथा लाठीचार्ज करने के बाद स्थिति नियंत्रण में आई।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) आर हितेंद्र और मैसुरु पुलिस आयुक्त सीमा लाटकर सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति का आकलन करने तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे।

एडीजीपी हितेंद्र ने यहां मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘कल एक व्यक्ति को सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया, लेकिन भीड़ ने मांग की कि उसे उनके हवाले कर दिया जाए। हमने उन्हें तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। भीड़ ने पथराव किया जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए, लेकिन किसी की हालत गंभीर नहीं है। भीड़ ने वाहनों को नुकसान भी पहुंचाया। ’’

उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस सिलसिले में एक मामला दर्ज कर लिया है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए वीडियो फुटेज की समीक्षा करेगी तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।

कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बेंगलुरु में संवाददाताओं से कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट से एक समुदाय भड़क गया, जिसके कारण पथराव हुआ और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।

परमेश्वर ने कहा, ‘‘स्थिति अब नियंत्रण में है। मैंने पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।’’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पुलिस पर भीड़ के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया और दावा किया कि हिंसा 'तुष्टिकरण की राजनीति' का परिणाम है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने बेंगलुरु में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हालांकि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन कट्टरपंथी तत्व पत्थरों से भरे बैग लाये और पुलिस पर पथराव किया।’’

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