देश की खबरें | मीठी नदी से गाद निकालने के काम की उच्च स्तरीय जांच करायी जाएगी: महाराष्ट्र सरकार
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मुंबई, 25 जुलाई महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मंगलवार को विधानपरिषद में कहा कि शहर से गुजरने वाली मीठी नदी से गाद हटाने में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा खर्च की गई धनराशि की उच्च स्तरीय जांच करायी जाएगी।
इसपर पलटवार करते हुए शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि मणिपुर के मौजूदा संकट की भी जांच करायी जानी चाहिए।
बीएमसी 1997 से 2002 के बीच ठाकरे के परिवार की अगुवाई वाली अविभाजित शिवसेना के नियंत्रण में थी और इसी अवधि के लिए जांच की घोषणा की गयी है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रसाद लाड ने विधानपरिषद में यह मुद्दा उठाया और दावा किया कि 2005 और 2022 के बीच गाद निकालने पर 1300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये गये और इस काम की जांच की जानी चाहिए।
अपने जवाब में सामंत ने कहा, ‘‘ कौन ठेकेदार था, कितनी गाद निकाली गयी, कितना चौड़ीकरण हुआ, 1160 करोड़ रुपये का क्या हुआ, उस समय कौन अधिकारी थे, इस सबकी जांच की जाएगी। एक उच्चस्तरीय जांच की जाएगी।’’
शिवसेना (यूबीटी) के सदस्य अनिल परब ने कहा कि इस जांच में वित्त वर्ष 2022-23 भी शामिल किया जाना चाहिए।
बीएमसी एक प्रशासक के नियंत्रण में है क्योंकि एक साल से बीएमसी के चुनाव नहीं कराये गये हैं।
विधान परिषद के बाहर शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि मणिपुर की वर्तमान हिंसा की भी जांच करायी जानी चाहिए।
उन्होंने दावा किया, ‘‘मुंबई और महाराष्ट्र को बदनाम करने के लिए कई जांचों का आदेश दिया गया।’’
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