कोच्चि, नौ जुलाई केरल में विपक्षी दल कांग्रेस के एक विधायक ने मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कोई बयान नहीं आने के विरोध में 24 घंटे का ‘मौनव्रत’ रखा।
कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझालनदान ने मणिपुर मुद्दे पर मोदी की चुप्पी के विरोध में एर्नाकुलम जिले में अपने मुवात्तुपुझा विधानसभा क्षेत्र में शनिवार सुबह 24 घंटे का ‘मौनव्रत’ शुरू किया।
रविवार को अपना मौनव्रत तोड़ने के बाद कांग्रेस विधायक ने कहा, ‘‘मणिपुर में जो कुछ हो रहा है, प्रधानमंत्री ने उसपर चुप्पी साध रखी है। उनकी चुप्पी को देश का हर व्यक्ति, वहां जो कुछ हो रहा है उसके प्रति सहमति के रूप में देख रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ वह इसी तरह एक बार गुजरात दंगे के दौरान भी चुप थे। इसलिए मैं इस चुप्पी को प्रधानमंत्री का विरोध करने के हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहता था।’’
उन्होंने कहा कि वह विरोध का एक ऐसा तरीका अपनाना चाहते थे जिसमें साहस की जरूरत हो, इसलिए उन्होंने इसका चुनाव किया।
कुझालनदान ने कहा, ‘‘यह आसान नहीं है, जैसा कि कोई सोच सकता है। जब आप कुछ कहना चाहते हैं और ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो बहुत मानसिक दबाव पैदा होता है। यह पहली बार है कि मैंने ऐसा किया है।’’
विधायक ने कहा कि वह एक दिन में भाषण देकर जितना थकते हैं, उससे कहीं ज्यादा वह मौनव्रत के कारण शनिवार शाम तक थक गये।
मणिपुर में हिंसा तीन मई को शुरू हुई थी और तब से यह जारी है। हिंसा में अब तक 100 से अधिक लोगों की जान चली गयी है तथा 3000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति की मांग के खिलाफ तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘जनजातीय एकता मार्च ’ निकाला गया था जिसके बाद हिंसा भड़क गयी थी।
राजकुमार संतोष
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