देश की खबरें | दिल्ली की जेलों के 85 प्रतिशत कर्मचारियों को लग चुका है कोविड का टीका

नयी दिल्ली, सात मार्च दिल्ली के कारागार विभाग ने कहा है कि उसके अधीन आने वाली तीन जेलों के लगभग 85 प्रतिशत कर्मचारियों और 58 प्रतिशत सुरक्षा कर्मियों को कोविड-19 का टीका लगाया जा चुका है।

दिल्ली कारागार विभाग के अधीन तिहाड़, रोहिणी और मंडोली जेल आती हैं।

जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जेल में लगभग दो हजार कर्मचारी काम करते हैं जिनमें से 1700 को टीका दिया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली कारागार में तैनात 1,700 सुरक्षा कर्मियों ने को-विन पर पंजीकरण कराया था जिनमें से एक हजार कर्मियों को टीका लगा है।

महानिदेशक (कारागार) संदीप गोयल ने कहा कि विभाग ने अपने कर्मचारियों को टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा, “हम जेल के कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। ज्यादातर कर्मचारियों ने टीके की पहली खुराक ले ली है। यह सुरक्षित है और हमारे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।”

अधिकारियों ने बताया कि रविवार तक जेल के कुल 293 कर्मी संक्रमण की चपेट में आकर ठीक हो चुके थे।

उन्होंने कहा कि अब तक कुल 120 कैदियों की जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई जिनमें से 117 कैदी ठीक हो गए, दो की मौत हो गई और एक का उपचार चल रहा है।

रोहिणी जेल में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला पिछले साल 13 मई को सामने आया था।

कोविड-19 से मंडोली जेल के दो कैदियों की 15 जून और चार जुलाई को मौत हो गई थी।

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत एक मार्च को हुई जिसके तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित 45-59 साल की उम्र के लोगों को टीका दिया जा रहा है।

जेल अधिकारियों ने कहा कि लगभग 300 कैदी ऐसे हैं जो 60 साल से अधिक उम्र के हैं।

उन्होंने कहा कि पहले से किसी बीमारी से पीड़ित 45-59 वर्ष की आयु के 300 अन्य कैदी हैं। तिहाड़, मंडोली और रोहिणी की जेलों में कुल 17,500 कैदी हैं।

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