जयपुर, 26 नवम्बर राजस्थान में इस बार हुए विधानसभा चुनाव में 2018 की तुलना में ज्यादा मतदान हुआ है। इस वर्ष प्रदेश में 75.45 फीसदी मतदान हुआ।
निर्वाचन विभाग की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, 2023 के विधानसभा चुनाव में पिछली बार की तुलना में 0.73 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। इसमें डाक मत पत्रों के जरिए हुआ 0.83 प्रतिशत मतदान भी शामिल है।
राजस्थान में शनिवार को 200 में से 199 विधानसभा क्षेत्रों के 51000 से ज्यादा मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ।
कांग्रेस प्रत्याशी के निधन के कारण श्रीगंगानगर जिले के करणपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव स्थगित कर दिया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने रविवार को बताया कि शनिवार को कुल 75.45 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 25 नवंबर को ईवीएम से कुल 74.62 प्रतिशत मतदान हुआ। उन्होंने बताया कि 74.53 प्रतिशत पुरुषों ने और 74.72 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया।
उन्होंने बताया कि 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में 74.71 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसमें पुरुषों ने 74.75 प्रतिशत और महिलाओं ने 74.67 फीसदी मतदान किया था।
बयान के मुताबिक, ईवीएम से सबसे अधिक 88.13 प्रतिशत मतदान कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में हुआ जबकि इस सीट पर 2018 में 86.13 प्रतिशत मतदान हुआ था।
उसमें बताया गया है कि पोकरण विधानसभा क्षेत्र में इस बार 87.79 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि 2018 के चुनाव में इस सीट पर 87.50 प्रतिशत वोट पड़े थे। बयान के मुताबिक, तिजारा में पिछली बार के 82.08 प्रतिशत के मुकाबले इस बार 86.11 फीसदी मतदान हुआ।
बयान में बताया गया है कि पोकरण, कुशलगढ़ और तिजारा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक महिलाओं ने क्रमशः 88.23 प्रतिशत, 87.54 प्रतिशत और 85.45 प्रतिशत मतदान किया।
बयान के अनुसार, आहोर विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम से सबसे कम 61.24 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि इस सीट पर 2018 में 61.53 प्रतिशत मतदान हुआ था।
बयान में बताया गया है कि मारवाड़ जंक्शन विधानसभा क्षेत्र में इस बार 61.29 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि इस क्षेत्र 2018 में 60.42 प्रतिशत मत पड़े थे। सुमेरपुर में पिछली बार के 60.89 प्रतिशत के मुकाबले इस बार 61.44 फीसदी मतदान हुआ।
बयान के मुताबिक, जोधपुर, टोडाभीम और बामनवास विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं का मतदान प्रतिशत सबसे कम क्रमशः 62.97 प्रतिशत, 63.22 प्रतिशत और 63.63 प्रतिशत रहा।
बयान में बताया गया है कि प्रदेश के 199 विधानसभा क्षेत्रों में 5,25,38,105 मतदाता हैं और चुनाव में ईवीएम से कुल 3,92,11,399 वोट पड़े।
बयान के मुताबिक, इनमें से 1,88,27,294 वोट महिलाओं ने, 2,03,83,757 वोट पुरुषों ने और 348 वोट तृतीय लिंग के मतदाताओं ने डाले।
चुनाव में अधिकतर सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला था। इस चुनाव में हिंसा की कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।
कांग्रेस का लक्ष्य हर पांच साल में राज्य में सरकार बदलने के रिवाज को खत्म करने का है जबकि भाजपा अगले साल लोकसभा चुनाव से पहले राज्य की सत्ता में वापसी करना चाहती है।
चुनाव लड़ने वाले प्रमुख नेताओं में कांग्रेस से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट जबकि भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, विपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़ और विपक्ष के उप नेता सतीश पूनिया शामिल रहे। 199 सीटों पर कुल 1,862 उम्मीदवार मैदान में थे।
चुनाव आयोग ने सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में 1.70 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात करके विस्तृत व्यवस्था की थी।
पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) राजीव शर्मा ने बताया कि कुछ स्थानों पर मतदान के दौरान विभिन्न दलों व प्रत्याशियों के समर्थकों के आमने सामने आने के कारण तनाव की स्थिति बनी।
उन्होंने बताया कि प्रशासन और पुलिस द्वारा आदर्श आचार संहिता का पालना सख्ती से कराने पर कुछ स्थानों पर विरोध भी हुआ, लेकिन सभी प्रकरणों में पुलिस एवं केन्द्रीय सुरक्षा बलों द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा।
उन्होंने बताया कि राज्य में पुलिस द्वारा विभिन्न प्रकरणों में लगभग 77 असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार अथवा निरुद्ध किया गया। उनके मुताबिक, चुनाव संबंधी घटनाओं को लेकर अब तक सात प्रकरण दर्ज हुए हैं।
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