देश की खबरें | दक्षिण अफ्रीका भेजे जाने से पहले 70 करोड़ का नशीला पदार्थ पकड़ा गया, पांच तस्कर गिरफ्तार : पुलिस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय तस्करी की कोशिश नाकाम करने का दावा करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस ने मंगलवार को यहां पांच तस्करों को गिरफ्तार किया और इनके कब्जे से 70 किलोग्राम एमडीएमए नामक नशीला पदार्थ जब्त किया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

इंदौर, पांच जनवरी नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय तस्करी की कोशिश नाकाम करने का दावा करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस ने मंगलवार को यहां पांच तस्करों को गिरफ्तार किया और इनके कब्जे से 70 किलोग्राम एमडीएमए नामक नशीला पदार्थ जब्त किया।

पुलिस के मुताबिक नशे के वैश्विक बाजार में सिंथेटिक ड्रग की इस खेप की कीमत 70 करोड़ रुपये आंकी जा रही है जिसे ‘एक्स्टसी’ के रूप में भी जाना जाता है। इसे देश भर में एमडीएमए की अब तक जब्त सबसे बड़ी खेपों में से एक बताया जा रहा है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) योगेश देशमुख ने संवाददाताओं को बताया कि मुखबिर की सूचना पर 70 किलोग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार आरोपियों में हैदराबाद के दो निवासी-वेदप्रकाश व्यास (50) और उसका ड्राइवर मांगी वेंकटेश (39) शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि पुलिस की अपराध निरोधक शाखा की मुहिम में इंदौर के तीन निवासियों-दिनेश अग्रवाल (55), अक्षय अग्रवाल (30) और चिमन अग्रवाल (38) को भी मौके से गिरफ्तार किया गया है। वे इंदौर के सनावदिया रोड के पास हैदराबाद के दोनों आरोपियों से एमडीएमए की खेप ले रहे थे।

देशमुख ने बताया कि पांचों आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये की नकदी और दो कारें भी जब्त की गई हैं।

उन्होंने बताया, “शुरूआती जांच में हमें सुराग मिले हैं कि तस्करों से जब्त एमडीएमए की खेप हैदराबाद से इंदौर आई थी और इसे दक्षिण अफ्रीका भेजे जाने की तैयारी की जा रही थी।”

एडीजी ने बताया कि गिरोह का सरगना वेदप्रकाश व्यास हैदराबाद में एक दवा कारखाना चलाता है। वह 1980 के दशक में मध्यप्रदेश के इंदौर और उज्जैन संभागों में बतौर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) काम कर चुका है।

उन्होंने बताया, “हमें संदेह है कि व्यास के कारखाने में दवाओं की आड़ में सिंथेटिक ड्रग्स तैयार की जा रही थी। तेलंगाना पुलिस की मदद से इस मामले में छापेमारी और विस्तृत जांच जारी है।”

अपराध निरोधक शाखा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) गुरुप्रसाद पाराशर ने बताया कि मामले में पकड़े गए इंदौर निवासी आरोपी टेंट और कैटरिंग व्यवसाय की आड़ में नशीले पदार्थों का गिरोह चला रहे थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\