प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के लिए 69.28 लाख टन अनाज का उठाया रोज्यों ने: केन्द्र

मंत्रालय ने बताया कि पीएमजीएवाई के तहत करीब 14 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों ने एक माह के कोटे का खाद्यान्न उठायाहै जबकि 18 राज्यों ने दो माह और पांच केन्द्र शासित प्रदेशों ने पूरे तीनों महीने का कोटा उठा लिया है।

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नयी दिल्ली, छह मई गरीब राशनकार्ड धारकों को मुफ्त अनाज वितरित कर के उन्हें कोविड-19 संकट का सामाना करने में मदद करने के लिए, राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों ने प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना (पीएमजीएवाई) के तहत सरकारी पूल से अब तक 69.28 लाख टन खाद्यान्नों का उठाव किया है। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।

मंत्रालय ने बताया कि पीएमजीएवाई के तहत करीब 14 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों ने एक माह के कोटे का खाद्यान्न उठायाहै जबकि 18 राज्यों ने दो माह और पांच केन्द्र शासित प्रदेशों ने पूरे तीनों महीने का कोटा उठा लिया है।

मार्च-अंत में, सरकार ने अप्रैल से जून तक तीन महीनों के लिए 81 करोड़ राशन कार्ड धारकों में से प्रत्येक को 5 किलो खाद्यान्न के मुफ्त वितरण की घोषणा की। यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत प्रत्येक लाभार्थी को रियायती दर पर दिये जाने वाले पांच किलोग्राम के अलावा अधिक आवंटन है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘इस योजना के लिए राज्य सरकारों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया रही है तथा छह मई तक पहले ही 69.28 लाख टन मात्रा का उठाव कर लिया गया है।’’

इसका मतलब यह है कि इस योजना के तहत अब तक 120 लाख टन के कुल आवंटन में से लगभग 57 प्रतिशत हिस्से का उठाव कर लिया गया है।

हालांकि, कुल मिलाकर उठाव उत्साहजनक रहा है, मंत्रालय ने कहा कि योजना के तहत उठाव की पद्धति में राज्यों के बीच भिन्नताएं हैं।

अब तक चंडीगढ़, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार, लद्दाख और लक्षद्वीप सहित पांच केंद्र शासित प्रदेशों ने पीएमजीएवाई के तहत पूरे तीन महीने का खाद्यान्न उठा लिया है।

आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश सहित लगभग 18 राज्यों ने दो महीने के लिए खाद्यान्न उठाया है।

पंजाब, दिल्ली, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, बिहार, गुजरात, असम, मणिपुर और नागालैंड जैसे लगभग 14 राज्यों ने एक महीने के लिए खाद्यान्न उठा लिया है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा जल्द से जल्द स्टॉक उठाने के लिए राज्यों को हर समर्थन दिया जा रहा है।’’

केंद्र सरकार पर पीएमजीएवाई के तहत मुफ्त अनाज की आपूर्ति से लगभग 46,000 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ आने का अनुमान है।

राज्य सरकारों पर बिना कोई वित्तीय बोझ डाले पीएमजीएवाई को लागू किया जा रहा है।

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