जरुरी जानकारी | वर्ष 2018-22 में 12.2 अरब डॉलर में 6,800 एकड़ भूमि का अधिग्रहणः सीबीआरई

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल रियल एस्टेट डेवलपर और निवेशकों ने विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण के लिए वर्ष 2018 से 2022 के बीच 12.2 अरब डॉलर की लागत से लगभग 6,800 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया। संपत्ति परामर्श कंपनी सीबीआरई इंडिया ने मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।

रिपोर्ट के अनुसार, “भूमि अधिग्रहण क्षेत्र हाल के दिनों में मुख्य रूप से डेवलपरों की ज्यादा रुचि के कारण अच्छा रहा है। संयुक्त रूप से डेवलपर और निवेशकों ने 2018-22 के दौरान लगभग 6,800 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है।”

रिपोर्ट के अनुसार, भूमि अधिग्रहण विशेष रूप से पिछले दो साल में ज्यादा हुआ है। जनवरी, 2021 से 2022 तक 60 प्रतिशत अधिग्रहण हुआ।

सीबीआरई के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य-पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंशुमन मैगजीन ने कहा, “भूमि संबंधी गतिविधियों के लिए 2022 बहुत महत्वपूर्ण साल रहा। यह तथ्य भारत में रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेशकों के लंबी अवधि के दांव का संकेत है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, नई परियोजनाओं के विकास के अगले चरण के लिए 12 अरब डॉलर से अधिक की पूंजी लगाई गई है।

निवेश वाले कुल भूखंडों में से लगभग 60 प्रतिशत आवासीय एवं मिश्रित उपयोग वाले हैं और इन दो क्षेत्रों में मिलकर लगभग सात अरब डॉलर पूंजी लगाई गई है।

सीबीआरई ने कहा कि 2018 से 2022 के बीच दिल्ली-एनसीआर में 67 भूमि सौदे हुए। इसमें 3.8 अरब डॉलर के निवेश के साथ 760 एकड़ भूमि का सौदा हुआ। मुंबई में 3.8 अरब डॉलर में 960 एकड़ भूमि के 73 सौदे हुए।

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